बुरहानपुर में पदस्थ नायब तहसीलदार श्रीकांत सरोलिया ने इंदौर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वे दो दिन पहले इंदौर आए थे। उनके पास सुसाइड नोट नहीं मिला है। श्रीकांत इंदौर के रामबाग क्षेत्र में रहते थे। वे बीते आठ साल से मानसिक बीमारी का इलाज करा रहे थे।
सरोलिया इंदौर में आकर रुके थे और डॉक्टर से इलाज करा रहे थे। सुबह उन्होंने घर के गलियारे में फांसी का फंदा बनाया और उस पर लटक गए। रिश्तेदार उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके पास से पुलिस को किसी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन पुलिस ने उनका मोबाइल जब्त किया है। परिजनों ने बताया कि वे बीमारी की वजह से काफी परेशान रहते थे और बार-बार इलाज के लिए इंदौर आते थे।
युवती ने एसिड पिया
उधर, कनाडिया क्षेत्र में रहने वाली युवती ने एसिड पीकर जान दे दी। पुलिस के अनुसार मृतका का नाम पूजा है। वह संचार नगर क्षेत्र में रहती थी। वह मानसिक रूप से बीमार थी। परिजनों ने बताया कि उसका इलाज भी चल रहा था। सुबह उसे बेहोशी की हालत में देखा तो एमवाय अस्पताल लाए। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पूजा अवसाद से घिरी रहती थी और ज्यादा किसी से बात भी नहीं करती थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।