नगर निगम और आईडीए मेें होगी नियुक्तियां।
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पिछले विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं की नाराजगी की कीमत सत्ता से बाहर होकर चुकाने वाली भारतीय जनता पार्टी इस बार कार्यकर्ताओं को निगम मंडलों के खाली पद देने की तैयारी कर रही है। इंदौर में शुरुआत आईडीए में गोलू शुक्ला के उपाध्यक्ष पद की नियुक्ति से की गई है। वैसे तो पूरे संचालक मंडल की नियुक्ति होना था,लेकिन क्षेत्रीय समीकरणों के चलते कुछ नामों पर विधायकों की सहमति नहीं बनी। इस वजह से सिर्फ उपाध्यक्ष पद पर एक ही नाम की घोषणा हुई है।
उधर जल्दी ही नगर निगम ने भी एल्डरमैनों की नियुक्तियां होगी। इस पद के लिए भी नामों पर मंथन हो रहा है। हर विधानसभा क्षेत्र से विधायकों की पसंद के नामों पर ही मुहर लगेगी। इसके लिए उन वार्डों को महत्व मिलेगा, जहां से नगर निगम चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार हारे थे।
चावड़ा की ही पसंद है गोलू
आईडीए के संचालक मंडल में सोमवार को गोलू शुक्ला को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। बताया जा रहा है कि गोलू आईडीए अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा की ही पसंद है,क्योकि एक नंबर विधानसभा क्षेत्र में सत्तारुढ़ दल का विधायक होने के कारण गोलू की नियुक्ती में अड़चन नहीं आई। गोलू का चावड़ा के साथ अच्छा तालमेल है और सुदर्शन गुप्ता ने भी इसलिए अड़चन पैदा नहीं की,क्योकि गोलू के उपाध्यक्ष बनने से विधानसभा चुनाव में गोलू की दावेदारी वैसे ही कमजोर हो जाएगी।
बाकी पदों पर विधायकों की पसंद को महत्व
अभी आईडीए में आठ और संचालक बनाए है, लेकिन उन पदों के लिए विधायकों की सहमति नहीं बनी है, उधर संगठन की तरफ से भी कुछ नाम आगे बढ़ाए गए है। आईडीए के संचालक मंडल के लिए अजय सिंह नरुका, चंदू शिंदे, विजय मालानी, सुमित मिश्रा सहित अन्य नेता दौड़ में है, संगठन चाहता है कि वरिष्ट कार्यकर्ताओं को भी पद मिले। उधर सिंधिया खेमा से भी प्रमोद टंडन, मोहन सेंगर, अजय सेंगर, राजू चौहान के नाम भी चर्चाओं में है।