पुलिस ने सैन्य अधिकारी के बयान पर दर्ज किया था केस
ग्रामीण एसपी हितिका वासल के अनुसार आर्मी के अधिकारियों के बयान के आधार पर लूट, मारपीट, फिरौती और सामूहिक दुष्कर्म की आशंका में केस दर्ज किया गया। युवती के बयान के बाद केस में धाराएं अपडेट की जाएंगी।
ढाई घंटे तक महिला मित्र को अलग रखा
सैन्य अफसर ने पुलिस को बताया कि जब दो साथी रुपए लेने गए तब आरोपियों ने मुझे जमकर पीटा। तीन बदमाश महिला मित्र को अलग ले गए और करीब ढाई घंटे उसे दूर रखा। आशंका है कि उसके साथ गलत हुआ है। हालांकि, पीड़िता ने इस बारे में पुलिस से कुछ नहीं कहा है। उनके परिजन भी पुलिस से संपर्क नहीं कर रहे हैं।
इन आरोपियों ने वारदात ने वारदात को दिया अंजाम
आर्मी शूटिंग रेंज में हुई घटना में अनिल भाभर, पवन वसुनिया (निवासी गोंडकुआं खुर्दा-खुर्दी), रितेश भाभर (निवासी बिलामी), रोहित गिरवाल, संदीप बारिया (निवासी नंदगांव) और सचिन मकवाना (निवासी चैनपुर) शामिल हैं।
रितेश पर हत्या के प्रयास और बलवा जैसे केस पहले से दर्ज हैं। वहीं, आरोपी अनिल पर बलवा और हत्या के प्रयास सहित पांच केस दर्ज, जबकि संदीप पर मारपीट का एक केस दर्ज हैं। इंदौर पुलिस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ 310 (2), 126(2), 308(2), 70(1), 296, 115(2), 351 (2) और आर्म्स एक्ट की धारा 251 के तहत केस दर्ज किया है।
मामले में जमकर गरमाई राजनीति
इस मामले में राजनीति भी गरमा गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, बसपा सुप्रीमो मायावती और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रदेश भाजपा सरकार को जमकर घेरा है। इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पश्चिम बंगाल पर क्यों चुप हैं। हम मप्र में हुई घटना पर अपराधियों को सख्त सजा दिलवाएंगे।
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