सार
घटना के दूसरे दिन भोपाल के कार्यक्रम में शामिल होने पर सांसद लालवानी ने कहा कि जिस दिन घटना हुई, मैं वहां था। दूसरे दिन जब मुख्यमंत्री घटनास्थल पहुंचे तब भी मैं उनके साथ था। उसके बाद भोपाल के कार्यक्रम में शामिल होने गया।
कभी न भुलाए जा सकने वाले बेलेश्वर महादेव मंदिर बावड़ी हादसे को लेकर इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने रविवार को चुप्पी तोड़ी। उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा, इस मंदिर की बावड़ी पर स्लैब 35 साल पहले डाली गई थी, तब तो मैं राजनीति में भी नहीं आया था।
कांग्रेस कर रही राजनीति
लालवानी ने आरोपों के जवाब में कहा कि कांग्रेसी यह सिद्ध कर दें कि मैंने राजनीतिक संरक्षण देते हुए अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं करने के लिए दबाव बनाया है तो मैं दोषी हूं। कांग्रेस ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति कर रही है। यह राजनीति करने का समय नहीं है। हमें पीड़ित परिवारों के साथ खड़े रहना चाहिए।
मैं 12 घंटे था, कांग्रेसी 12 मिनट भी नहीं आए
घटना के दूसरे दिन भोपाल के कार्यक्रम में शामिल होने पर सांसद लालवानी ने कहा कि जिस दिन घटना हुई, मैं वहां था। दूसरे दिन जब मुख्यमंत्री घटनास्थल पर पहुंचे तब भी मैं उनके साथ था। उसके बाद भोपाल के कार्यक्रम में शामिल होने गया। वहां भी कार्यक्रम शुरू होने से पहले हादसे में मृत लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। मैं तो घटनास्थल पर 12 घंटे था, कांग्रेसी 12 मिनट के लिए भी नहीं आए।
ट्रस्ट के अध्यक्ष पूर्व पार्षद इसलिए परिचय
मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों से जुड़े सवाल पर लालवानी ने कहा कि ट्रस्ट के अध्यक्ष पूर्व पार्षद रहे हैं। इसी नाते मेरा उनसे परिचय है। मैंने कभी उनके कहने पर राजनीतिक दबाव अफसरों पर नहीं बनाया। बता दें, कांग्रेस ने लालवानी पर मंदिर व बावड़ी के आसपास अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं होने देने का आरोप लगाया था। शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ता उनके निवास पर कफन भेंट करने पहुंचे थे। पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया था।