जीत के बाद इंदौर में उत्साहित महिला कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला, इंदौर
मप्र विधानसभा चुनाव में मालवा निमाड़ को जीत की तिजोरी कहा जाता है। माना जाता है कि जिस भी पार्टी को यहां से बहुमत मिलता है वह प्रदेश में सरकार बना लेती है। इस बार के चुनाव में भाजपा को मालवा निमाड़ में 48 सीटें मिली हैं। यहां पर कुल 66 सीटें हैं जिसमें से एक सीट इस बार भारत आदिवासी पार्टी के खाते में भी गई है। कांग्रेस को 17 सीटों पर संतोष करना पड़ा है।
पिछली बार कांग्रेस को मिली थी 35 सीटें
पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मालवा निमाड़ से 35 विधानसभा सीटें मिली थी लेकिन इस बार कांग्रेस को 17 सीटों से ही संतोष करना पड़ा है। कांग्रेस के कई बड़े उम्मीदवार इस बार के चुनाव में हार गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा को भाजपा के राजेश सोनकर ने हरा दिया। सज्जन यहां के दिग्गज नेता माने जाते थे और उन्हें हराना आसान नहीं था। वहीं भाजपा से कांग्रेस में आए पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे दीपक जोशी भी खातेगांव से चुनाव हार गए। इंदौर में जीतू पटवारी को भी हार मिली है।
कई जिलों में एक भी सीट नहीं मिली
कांग्रेस को मालवा निमाड़ के कई जिलों में एक भी सीट नहीं मिली। इंदौर, बुरहानपुर, खंडवा, शाजापुर, नीमच और देवास में एक भी सीट नहीं मिली है, जबकि यह जिले पहले कांग्रेस का गढ़ माने जाते थे।
मालवा निमाड़ के जिलों में भाजपा कांग्रेस को मिली कितनी सीटें
खरगोन
भाजपा 3 कांग्रेस 3
इंदौर
भाजपा 9 कांग्रेस 0
धार
भाजपा 2 कांग्रेस 5
बड़वानी
भाजपा 2 कांग्रेस 2
झाबुआ
भाजपा 1 कांग्रेस 2
अलीराजपुर
भाजपा 1 कांग्रेस 1
बुरहानपुर
भाजपा 2 कांग्रेस 0
खंडवा
भाजपा 4 कांग्रेस 0
उज्जैन
भाजपा 5 कांग्रेस 2
आगर
भाजपा 1 कांग्रेस 1
शाजापुर
भाजपा 3 कांग्रेस 0
मंदसौर
भाजपा 3 कांग्रेस 1
नीमच
भाजपा 3 कांग्रेस 0
रतलाम
भाजपा 4 कांग्रेस 0 भारत आदिवासी पार्टी 1
देवास
भाजपा 5 कांग्रेस 0
कुल
भाजपा 48, कांग्रेस 17, भारत आदिवासी पार्टी 1