इंदौर की एक कोर्ट में प्रतिबंधित संगठन पीएफआई के लिए जासूसी करते हुए वीडियो रिकार्डिंग कर रही युवती को पकड़वाने वाले वकील पर हमला किया गया। इंदौर के सदर बाजार थाना क्षेत्र में तीन लोगों ने वकील के साथ मारपीट की। वकील को उपचार के लिए एमवाय अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस मामले में एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
पुलिस के अनुसार मनीष गडकर वकालत करते हैं। उनका दफ्तर तिलक पथ पर है। उनके दफ्तर में जुनैद अपने भाई की जमानत के लिए आया था। उन्होंने उसे दस्तावेज दिए और कहा कि उस पर भाई के हस्ताक्षर लेकर आना। बीच में उसने फोन लगाया तो मैंने व्यस्त होने का हवाला देकर शाम को आने का कहा।
'फेसबुक पर मुस्लिमों के खिलाफ बहुत लिख रहे हो'
आरोपी जुनैद उसी दिन शाम को अपने दो साथियों के साथ आया और कहा कि आजकल तुम फेसबुक पर मुस्लिमों के खिलाफ बहुत पोस्ट डाल रहे हो। ऐसा मत करो, वर्ना जान से हाथ धोना पड़ेगा। इसके बाद तीनों ने वकील के साथ मारपीट शुरू कर दी और दफ्तर के कांच भी फोड़ दिए। मनीष गडकर का कहना है कि आरोपी भाई की जमानत के बहाने आए थे, लेकिन वे मुझ पर हमले के इरादे से आए थे।
छात्रा को पुलिस के हवाले किया
मनीष हिन्दू महासभा से जुड़े हैं। पठान फिल्म को लेकर हुए विवाद के दौरान गिरफ्तार बजरंग दल से जुड़े नेता को कोर्ट में पेश करने के दौरान कानून की छात्रा सोनू मंसूरी कोर्ट में वीडियोग्राफी कर रही थी। मनीष गडकर व एक अन्य वकील ने इस पर आपत्ति ली थी और छात्रा की शिकायत पुलिस को की। छात्रा के पास से नोटों की गड्डी भी मिली थी। इसके बाद उन्होंने और उनके साथियों ने मिलकर सोनू मंसूरी नामक छात्रा को पुलिस के हवाले कर दिया था। उससे पूछताछ में पता चला कि वह भोपाल की एक महिला के कहने पर पीएफआई के लिए जासूसी कर रही थी। वकील मनीष गडकर सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहते हैं और अजान के दौरान बजने वाले लाऊंड स्पीकरों के खिलाफ भी उन्होंने मुहिम चलाई थी।