राहुल गांधी करीब ढाई हजार किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं। करीब 80 दिन से सड़कों पर पैदल चल रहे हैं। जाहिर है कि शरीर को तरोताजा रखने के लिए भरपूर एनर्जी भी चाहिए होती है। आप भी जानिए क्या होता है उनका डाइट प्लान-
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी जीवन में पहली बार 2300 किलोमीटर पैदल चले हैं। राहुल ने इसके लिए डाइट भी बदली है। यात्रा के दौरान वे सुबह-शाम दूध पी रहे हैं। हरी सब्जियां खाते हैं। एनर्जी चॉकलेट भी लेते हैं। टी ब्रेक में भी वे लाइट ब्रेकफास्ट लेते हैं। चलते समय वह बार-बार पानी भी पी रहे हैं।
राहुल गांधी खुद कह चुके हैं कि उनके लिए इतना पैदल चलना इतना आसान नहीं था। घुटने की पुरानी चोट भी उन्हें परेशान कर रही थी। उन्होंने इस चैलेंज को स्वीकारा। इसी तरह आधे से ज्यादा यात्रा पूरी कर ली। राहुल पैदल चलकर जितनी कैलोरी बर्न करते है, उसकी पूर्ति वे डाइट से करते हैं। ऐसे में संतुलित आहार या बैलेंस्ड डाइट उनके लिए बेहद अहम है। दिनभर चलने और लोगों से मिलने-बात करने के लिए उन्हें एनर्जी चाहिए। इसके लिए वे सुबह दूध के साथ आमलेट और रोस्टेड सूखे मेवे लेते हैं। यात्रा के दौरान रोज टी ब्रेक होता है। उसमें राहुल हल्का नाश्ता लेते हैं। खमण, ब्रेड और केले का मेन्यू इसमें जरूर शामिल रहता है। यात्रा के साथ चल रहा उनका निजी स्टाफ थर्मस में कॉफी भी लेकर चलता है। ब्रेक में वे कॉफी पीते हैं।
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यात्रा के दौरान इस तरह बनता है खाना
- फोटो : अमर उजाला
लंच में फ्रूट सलाद भी लेते है राहुल
पहले चरण में यात्रा करीब दस से 12 किलोमीटर की दूरी तय करती है। यात्रा में भोजन का काम देख रहे एक पदाधिकारी के अनुसार राहुल लंच में दो रोटी, हरी सब्जी और दाल-चावल लेते हैं। इसके अलावा पांच तरह के फलों का सलाद रोज उनके कंटेनर में भिजवाया जाता है। रात में राहुल हेवी डीनर लेते है। और सोने से पहले दूध भी पीते हैं।
खाना बनाने वाली टीम का हिस्सा हैं सवा सौ लोग
- फोटो : अमर उजाला
सवा सौ लोगों की टीम कराती है पेट-पूजा
भारत जोड़ो यात्रा में खाने की व्यवस्था सवा सौ लोगों की टीम करती है। कच्चा माल खरीदने, खाना बनाने व सर्व करने की अलग-अलग टीमें हैं।
रोज तीन से चार हजार लोगों का खाना बनता है। दक्षिण के यात्रियों के लिए नॉनवेज भी शामिल रहता है। एक कंटेनर को रसोईघर बनाया है। इसमें किराना सामान रहता है।
लंच और डिनर के लिए रोज 80 किलो पपीता, 80 किलो तरबूज, 30 किलो सेब खरीदा जाता है। लोडिंग ट्रक अलग से चलता है। यात्रा रुट की मंडी से सामान खरीदा जाता है।
यात्रा में रोज 100 लीटर चाय बनती है। पानी बोतल की 56 पेटी रोज खत्म हो जाती है। मध्यप्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा के यात्रियों ने दो लाख बोतल पानी पिया।