इंदौर में पिछले 24 घंटों के दौरान दिन के तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिली। गुरुवार को अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस था, जो शुक्रवार को घटकर 33.6 डिग्री सेल्सियस रह गया। यह तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम रहा, जो कुछ हद तक राहत देने वाला था। हालांकि, रात के तापमान में एक खास बदलाव देखने को मिला।
न्यूनतम तापमान में वृद्धि
दूसरी ओर, इंदौर में न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई। गुरुवार को यह 17.8 डिग्री था, जबकि शुक्रवार को यह बढ़कर 21.6 डिग्री सेल्सियस हो गया। इस वृद्धि के कारण रात के समय अधिक गर्मी महसूस की गई। गर्मी का असर रात में भी दिखाई देने लगा, जो स्थानीय निवासियों के लिए असहज स्थिति उत्पन्न कर सकता है।
मौसम प्रणाली का प्रभाव और भविष्य का पूर्वानुमान
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्र ने बताया कि वर्तमान मौसम प्रणाली का प्रभाव 23 मार्च तक बना रहेगा। इसके बाद 24 मार्च से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका असर प्रदेश के मौसम पर दिखाई देगा। इससे तापमान में बदलाव हो सकता है और साथ ही मौसम की स्थिति में भी बदलाव हो सकता है।
मार्च के आखिरी सप्ताह में बढ़ेगा तापमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मार्च के आखिरी सप्ताह में दिन और रात दोनों के तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। इससे गर्मी का असर और अधिक बढ़ेगा। सामान्यत: 20 मार्च के बाद तापमान में वृद्धि देखने को मिलती है, लेकिन इस वर्ष उत्तरी पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की वजह से हवा की दिशा में बदलाव हुआ है, जिससे तापमान में अस्थायी गिरावट देखी गई। हालांकि, 25 मार्च के बाद अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है, और मार्च के अंत तक यह 36-37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। अप्रैल में भी तापमान में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है।