पीएससी ने अगले माह तीन परीक्षा आयोजित की है।
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मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग ने दिसंबर माह में तीन परीक्षाएं आयोजित कर डाली। इससे अभ्यर्थी तो नाराज है, राजनीति भी गरमाने लगी है। कांग्रेस नेता दिसंबर माह के 20 दिनों मेें तीन परीक्षाएं कराने पर सवाल उठा रहे है और कह रहे है कि मध्य प्रदेश सरकार छात्रों के प्रति असंवेदनशील है।
पिछले दिनों अभ्यर्थियों ने इस मामाले में पीएससी मुख्यालय प्रदर्शन कर मांग पत्र भी सौंप चुके है। उनका कहना है कि एक माह में आखिर तीन परीक्षाएं आयोग किस आधार पर लेता है। अभ्यार्थी इतनी जल्दी तैयारियां कैसे कर सकेंगे। युवा अलग-अलग परीक्षाएं देते हैै। यह आयोग को सोचना चाहिए।
पीएससी ने राज्य वन सेवा 2022 की मुख्य परीक्षा 10 दिसंबर से आयोजित करने का फैसला लिया है। इसके अलावा राज्यसेवा प्रारंभिक परीक्षा 2023 17 दिसंबर और राज्यसेवा 2022 मुख्य परीक्षा 26 से 31 दिसंबर तक करवाने की घोषणा की है।
इन तीन परीक्षा के अलावा 16 दिसंबर को सहायक कुलसचिव के साक्षात्कार भी रखे गए है। वहीं 17 और 18 दिसंबर को डीएफसीसीआईएल की भर्ती परीक्षा भी हैै। इसी महीने एकलव्य विद्यालय की कर्मचारी चयन परीक्षा भी है। कई अभ्यर्थी ऐसे हैं जो इनमें से दो या तीन परीक्षाओं में शामिल होते है।
इससे पहले पीएससी ने एक माह में इतनी परीक्षाएं आयोजित नहीं की। इस मामले में कांग्रेस राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने ट्वीट कर अलग-अलग परीक्षा में गैप रखने की मांग की है। कांग्रेस विधायक उमंग सिंगार ने कहा कि मध्य प्रदेश के युवा पहले से ही परीक्षा में हुए घोटालों से हताश है।
पहले चार सालों में एक भी नियुक्तियां नहीं की गई और एक के बाद एक तीन परीक्षाएं ली जा रही है। यह गलत है। प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियों के लिए समय लगता हैै। परीक्षा की तिथियों में अंतराल होना चाहिए।