इंदौर ने आठवीं बार स्वच्छता का ताज पाने के लिए कमर कसी है। इसके लिए बेकलेन में क्रिेकेट खेला गया। कई अभियान चलेंगे, लेकिन इंदौर के कई इलाकों में सफाई का सिस्टम गड़बड़ाने लगा है।खासकर शहर के सीमावर्ती क्षेत्रों में है। यहां घर घर कचरा संग्रहण के वाहन समय पर नहीं पहुंच रहे हैं।
इंदौर के स्कीम-140 की दिलपसंद टाॅवर के पीछे बीते तीन दिन से कचरा सड़क पर फैला हुआ है। इस क्षेत्र में रोज सैकड़ों रहवासी सुबह सैर के लिए जाते हैं और कचरे के कारण उन्हें नाक पर रुमाल बांध कर रखना पड़ता है। इसकी शिकायत वे कई बार कर चुके हैं, लेकिन कचरा नहीं उठा।
इंदौर में 500 से ज्यादा डोर टू डोर कचरा वाहन है। जो शहर के अलग-अलग इलाकों में सुबह कचरा घरों से संग्रहित करते हैं। स्कीम-140 के कुछ क्षेत्रों में कचरा वाहन नियमित नहीं हैं, इसलिए लोग खाली प्लाॅट, सड़क किनारे कचरे को फेंकने लगे हैं।
रहवासियों को कहना है कि इस तरह सड़क पर बिखरा कचरा देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की गलत छवि लोगों में पेश कर रहा है। दो साल पहले तक इस तरह खुले में कचरा फेंकने वालों का पता खोजकर नगर निगम की टीम स्पाॅट फाइन करती थी, लेकिन अब लोगों में भी डर खत्म हो गया है और वे खुले आम सड़क पर कचरा फेंकने लगे हैं।