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इंदौरः आज 30 हजार लोगों को जमीन की फ्री रजिस्ट्री, जानें किसे मिलेगी?

Thu, 17 Sep 2026 09:22 AM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में 17 सितंबर से स्वामित्व योजना के तहत तैयार अधिकार अभिलेखों के मुफ्त पंजीयन की नई प्रक्रिया शुरू हो रही है। इस राज्यस्तरीय अभियान से 30 हजार लाभार्थियों को बिना किसी पंजीयन शुल्क के उनकी संपत्ति का कानूनी दस्तावेज मिलेगा।
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इंदौर शहर। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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वर्षों से अपनी भूमि और मकानों पर निवास करने के बावजूद मालिकाना हक के पक्के दस्तावेज प्राप्त करने से वंचित रहे नागरिकों के लिए स्वामित्व योजना अब एक नए और महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश करने जा रही है। 17 सितंबर को इंदौर शहर से एक विशेष राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से योजना के अंतर्गत तैयार किए गए अधिकार अभिलेखों के औपचारिक पंजीयन की नई व्यवस्था का विधिवत शुभारंभ होगा। इस राज्यव्यापी प्रक्रिया की शुरुआत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा की जाएगी। इस अभियान के प्रत्यक्ष क्रियान्वयन से इंदौर तथा इसके आसपास के क्षेत्रों के लगभग 30 हजार हितग्राहियों को उनकी जमीनों और मकानों से जुड़े कानूनी अधिकारों का सीधा लाभ पहुंचाने की व्यापक तैयारी की गई है।
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अधिकार पत्र के स्थान पर मिलेगा पंजीकृत दस्तावेज
पूर्व में लागू प्रक्रिया के तहत गांवों की आबादी भूमि का ड्रोन तकनीक की मदद से सर्वे पूरा किया गया था और वहां रहने वाले स्थानीय नागरिकों की संपत्ति से जुड़े अधिकारों का एक प्राथमिक रिकॉर्ड तैयार किया गया था। अब शासन द्वारा इसी तैयार रिकॉर्ड में दर्ज सभी पात्र संपत्तियों के लिए पंजीकृत डीड उपलब्ध कराने की नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। इस निर्णय के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहले से मिले साधारण अधिकार अभिलेख के साथ-साथ अब संपत्ति का एक पूर्ण औपचारिक और कानूनी रूप से पंजीकृत दस्तावेज भी प्राप्त हो सकेगा।

रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त, सरकार उठाएगी खर्च
इस पूरी प्रक्रिया का एक सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि योजना के दायरे में आने वाले किसी भी पात्र हितग्राही से कोई स्टांप ड्यूटी या पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। राज्य सरकार ने इस संपूर्ण रजिस्ट्री प्रक्रिया पर होने वाले वित्तीय खर्च को खुद वहन करने का बड़ा फैसला लिया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक कुल 68.11 लाख अधिकार अभिलेख सफलतापूर्वक तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें से 48.32 लाख व्यक्तिगत और निजी संपत्तियों से संबंधित हैं।
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ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित किए जाएंगे विशेष शिविर
ग्रामीण नागरिकों की सुगमता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए संपत्ति पंजीयन की इस व्यवस्था को सीधे स्थानीय स्तर तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई है। इसके अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायत स्तरों पर विशेष पंजीकरण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन स्थानीय शिविरों के संचालन से ग्रामीणों को अपने दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए बार-बार सामान्य रजिस्ट्री कार्यालयों के चक्कर काटने की परेशानी और समय की बर्बादी से बड़ी राहत मिलेगी।

एक माह की समय-सीमा में प्रक्रिया पूरा करने का लक्ष्य
प्रशासन की ओर से इस नई रजिस्ट्री व्यवस्था को बेहद तेज गति से निष्पादित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जहां पूर्व में इस प्रकार की पंजीकरण प्रक्रियाओं को पूरा होने में लगभग 4 से 5 महीने तक का लंबा समय लग जाता था, वहीं अब नई व्यवस्था के माध्यम से इसे मात्र एक महीने की संक्षिप्त अवधि में पूरा करने का संकल्प लिया गया है।

बैंकिंग सुविधाओं और लोन प्राप्ति में मिलेगी सीधी मदद
संपत्ति के पंजीकृत दस्तावेज हाथ में आने से ग्रामीण क्षेत्रों की संपत्तियों का कानूनी व प्रशासनिक रिकॉर्ड अत्यंत मजबूत हो जाएगा। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य यह भी है कि अधिकार अभिलेख तथा पंजीकृत दस्तावेज के आधार पर जरूरतमंद नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय सहायता और विभिन्न प्रकार के ऋण प्राप्त करने में सुगमता हो सके। हालांकि, किसी भी वित्तीय ऋण की अंतिम मंजूरी संबंधित बैंक के स्थापित नियमों तथा शर्तों के अनुसार ही तय की जाएगी।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में इंदौर से होगी व्यापक शुरुआत
आज इंदौर में आयोजित होने जा रहे इस कार्यक्रम में प्रारंभिक तौर पर 30 हजार लाभार्थियों को सीधे इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। राज्यस्तरीय मंच पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी मौजूदगी में नितिन नवीन द्वारा इस नई राज्यव्यापी पंजीयन प्रक्रिया का आधिकारिक रूप से औपचारिक शुभारंभ संपन्न किया जाएगा।

स्वामित्व योजना का स्वरूप एवं उद्देश्य
स्वामित्व योजना केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2020 में आरंभ की गई एक दूरदर्शी पहल है। इसके अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों का ड्रोन तकनीक के माध्यम से वैज्ञानिक सर्वे किया जाता है, जिससे वहां निवास करने वाले नागरिकों की संपत्तियों का सटीक रिकॉर्ड तैयार कर उन्हें मालिकाना हक का आधिकारिक दस्तावेज प्रदान किया जाता है।

प्रॉपर्टी कार्ड एवं रजिस्ट्री में मूलभूत अंतर
प्रॉपर्टी कार्ड प्राथमिक ड्रोन सर्वे के पश्चात तैयार किया गया संपत्ति के स्वामित्व का एक प्रशासनिक रिकॉर्ड है। इसके विपरीत, रजिस्ट्री संपत्ति का पूर्ण कानूनी एवं पंजीकृत दस्तावेज होती है। वर्तमान चरण में इसी प्रॉपर्टी कार्ड के आधार पर संपत्तियों को पंजीकृत दस्तावेज का कानूनी रूप प्रदान किया जा रहा है।

निःशुल्क पंजीयन की पात्रता एवं प्रक्रिया
इस विशेष अभियान का लाभ केवल उन्हीं नागरिकों को प्राप्त होगा, जिनके नाम स्वामित्व योजना के तहत तैयार किए गए अधिकार अभिलेख में पहले से दर्ज हैं। इसके लिए किसी भी हितग्राही को नया आवेदन जमा करने की आवश्यकता नहीं है।

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