बीबीए के स्टूडेंट ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह अपने कमरे में गया। वहां उसने टीवी का वाल्यूम तेज किया। मां ने जब कमरे में झांककर देेखा तो बेटा फंदे पर लटका था। परिजन उसे फंदे से उतारकर निजी अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी था।
बीबीए की पढ़ाई कर रहा विशाल पिता अनिल वाधवानी कई दिनों से अपनी नानी के यहां बुरहानपुर गया था। वहां से वह एक दिन पहले ही लौटा था। विशाल ने आत्महत्या क्यों की। इसका कारण पता नहीं चला। पुलिस को उसकेे कमरे से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। पुलिस ने अनिल का मोबाइल जब्त कर लिया है,ताकि पता चल सके कि आत्महत्या के पहले उसने किन लोगों से बातचीत या मैसेज किए।
छात्र अनिल जूनी इंदौर क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रहता था। वह इल्वा काॅलेज मेें बीबीए सेकेंड सेमिस्टर का छात्र था। दोपहर मेें वह अपने कमरे में गया और अपनी टीवी की आवाज तेज कर ली और पंखे पर कपड़े का फंदा बनाया और उस पर लटक गया।
शाम पांच बजे मां नींद से जागी तो उन्होंने बेटे को आवाज लगाकर टीवी का वाल्यूम कम करने को कहा, लेकिन जब कमरे के भीतर से अनिल का कोई जवाब नहीं आया तो उसने छोटे बेटे को खिड़की मेें सेे देखने के लिए कहा। छोटे भाई ने कमरे के भीतर देखा तो वह दंग रह गया।
इसके बाद परिजन दरवाजा तोड़कर भीतर घुसे और अनिल को फंदे से निकाला। अनिल को सुयोग अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू र दी है।