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इंदौर बावड़ी हादसा: कब क्या हुआ, जानें हर घंटे की अपडेट...

Fri, 31 Mar 2023 02:05 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इस हादसे में 36 की मौत हुई। मरने वालों में 21 महिलाएं और 15 पुरुष हैं। इनमें 3 बच्चे और एक बच्ची भी है।
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इंदौर बावड़ी हादसा: - फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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गुरुवार 30 मार्च दोपहर 12 बजे 
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इंदौर के सपना संगीता रोड स्थित स्नेह नगर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में हादसा हुआ। लोग यहां पर रामनवमी की पूजा कर रहे थे। लोग जहां बैठे थे वह एक प्राचीन बावड़ी की छत थी, जो धंस गई। इससे 56 लोग बावड़ी में गिर गए। इस हादसे में 36 की मौत हुई। यह मंदिर करीब 60 साल पुराना है। पास ही में नया मंदिर बन रहा है इस वजह से मूतियों को शिफ्ट किया जाना था। लोग मूर्तियों के सामने बैठकर ही पूजा कर रहे थे। मूर्तियों के सामने वाली पूरी जगह बावड़ी की छत पर बनी थी। मरने वालों में 21 महिलाएं और 15 पुरुष हैं। इनमें 3 बच्चे और एक बच्ची भी है। 

12.15 बजे
आसपास के रहवासियों ने लोगों को निकालना शुरू किया। रस्सी, साड़ी, चादर, सीढ़ी जो मिला उससे लोग बावड़ी में गिरे लोगों को निकालने लगे। नीचे गिरे लोग चिल्ला रहे थे। आसपास की फर्शियां धंस रहीं थीं। 
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01.00 बजे
पुलिस, प्रशासन के अधिकारी पहुंचना शुरू हुए। सांसद, महापौर, अन्य नेता भी इसी समय आए। लोगों ने नेताओं को घेर लिया। जनता का गुस्सा देख नेता वहां पर ज्यादा देर तक नहीं रुके। इस वक्त तक अधिकारी सब लोगों के सुरक्षित होने की बात कह रहे थे।

01.15 बजे 
प्रशासन बचाव कार्य में जुटा। लोगों को निकालकर पास के एपल अस्पताल पहुंचाना शुरू किया। बावड़ी से काला पानी निकल रहा था जिससे टीम को परेशानी आ रही थी। एक महिला को रस्सी से ऊपर ले जा रहे थे, तभी वह ऊपर से गिरी उन्हें नहीं बचा पाए।

02.00 बजे 
बड़े अधिकारी पहुंचे। कलेक्टर, संभागायुक्त, निगम कमिश्नर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से रस्सियों के सहारे लोगों को निकालना तेज किया। अभी तक यह नहीं समझ आया कि सेना को बुलाना चाहिए। फंसे हुए लोगों की संख्या अधिक देख अधिकारियों ने बाहरी संसाधन जुटाना शुरू किए।

03.00 बजे 
एनडीआरएफ की टीम आई। इस समय तक सभी 20 लोग सुरक्षित निकले। यह वे लोग थे जो ऊपर थे, नीचे दबे लोगों को बाद में निकाला। गंदे पानी और मलबे को निकालने का काम तेज हुआ। गंदा पानी बाहर निकालते ही क्षेत्र में चारों तरफ बदबू फैल गई। इससे पता चला कि अंदर कितनी जहरीली गैस है। 

04.00 बजे 
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहुंचे। उन्होंने लापता लोगों के परिजन से भी बात की। वे बोले कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। उनके साथ कई कांग्रेसी नेता पहुंचे। अब निकलने वाले लोगों में अधिकतर मृतक थे।

05.00 बजे 
पानी निकालने के लिए बड़ी मोटरें बुलाई गई। क्रेनों ने भी मलबे को तेजी से निकाला क्योंकि अब तक जीवित लोगों को निकाल लिया गया था।

06.00 बजे 
पोस्टमार्टम एमवाय में शुरू किए गए। मृतकों के परिजन पहुंचने लगे। यहां पर पुलिस पूरे समय मौजूद रही ताकि लोग भड़क न जाएं। 

07.00 बजे 
रहवासियों ने लापता लोगों की सूची बनाकर प्रशासन को सौंपी। क्योंकि पता नहीं चल रहा था कि कितने लोग और अंदर हो सकते हैं।

09.00 बजे 
कलेक्टर टी इलैया राजा ने मृतक संख्या 14 बताई। पहली बार आंकड़ा जारी किया।

10.00 बजे 
सेना ने मोर्चा संभाला। अब अंदर बचे लोगों के जीवित रहने की संभावना बहुत कम रह गई थी।

12.00 बजे 
लगातार 21 शव निकाले गए। एक लापता। 

शुक्रवार 31 मार्च  सुबह 09.00 बजे
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एपल अस्पताल मरीजों से मिलने के लिए पहुंचे। उन्होंने यहां पर मरीजों और परिजन से मुलाकात की। डाक्टरों से हरसंभव इलाज करने के लिए कहा। 
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09.00 बजे 
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान घटनास्थल पर पहुंचे। यहां पर जनता भड़की। मुर्दाबाद के नारे लगे। घटनास्थल के पास एक धर्मशाला में पटेल समाज के लोग इकट्ठा हुए थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार सुबह उनसे मिलने पहुंचे। यहां भीड़ ने हाय-हाय और मुर्दाबाद के नारे लगाए। हादसे में पटेल समाज के 11 लोगों की मौतें हुई हैं।

11.00 बजे
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सेवाराम गलानी और सचिव मुरली सबनानी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज।

12.25 बजे 
आखिरी शव भी मिला, कुल मृतक संख्या 36 हुई। 

01.00 बजे 
मंदिर पर प्रशासन ने ताला लगाया। सभी रेस्क्यू टीमें रवाना। 
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