इंदौर का स्वच्छता सर्वेक्षण हो चुका है और जल्द ही स्वच्छता रैंकिंग घोषित होने वाली है। शहर के जनप्रतिनिधियों व अफसरों को पूरी उम्मीद है कि इस बार भी इंदौर सफाई में नंबर वन आएगा। उसके पीछे वे जनता की जनभागीदारी स्वच्छता की सबसे बड़ी ताकत मानते हैं।
थ्री आर पर इंदौर ने अच्छा काम किया
इंदौर ने थ्री आर पद्धति अपनाई है। रिड्यूज, रियूज और रिसायकल का सिस्टम भी शहर में बन रहा है। इंदौर पहले ही छक्का मार चुका है। हम सफाई के मामले में दूसरे शहरों के लिए माॅडल सिटी है। इस बार भी इंदौर स्वच्छता रैंकिंग में नंबर वन रहेगा। -इलैया राजा टी, कलेक्टर
इंदौर मेें स्वच्छता स्पर्धा के लिए नहीं
इंदौर में स्वच्छता स्पर्धा के लिए नहीं अपनाई गई है। शहर में सफाई का सिस्टम विकसित हो चुका है। सबसे मजबूत कड़ी घर-घर कचरा संग्रहण है। जिससे आम आदमी जुड़ता है। पांच अलग-अलग प्रकार से वह कचरे को वाहन में डालता है। इससे कचरे के निपटान में आसानी हो जाती है। अब हमारा फोकस कचरे के रियूज और रिसायकल पर है, ताकि घरों से कचरा कम निकले। -हर्षिका सिंह, निगमायुक्त
सातवीं बार भी रहेंगे नंबर वन
इंदौर में स्वच्छता का सर्वेक्षण हो चुका है। उम्मीद नहीं पूरा विश्वास है कि इंदौर फिर नंबर वन आएगा। हम अब प्रदूषण कम करने पर फोकस कर रहे है। इंदौर में 22 सितंबर को नो कार डे मनाया जा रहा है। इस तरह के नवाचारों से शहर का प्रदूषण कम करेंगे। - पुष्य मित्र भार्गव, मेयर