बीते चार माह में इंदौर की सफाई व्यवस्था फिर पहले जैसी हो गई है। इस माह कभी भी स्वच्छता रैंकिंग के लिए सर्वे टीम आ सकती है। उससे पहले शहर की सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद रहने लगी है। प्रमुख मार्ग,गली मोहल्ले तो साफ रहने लगे है। अब शहर के नालों को भी सुखाकर मैदान में तब्दील किया जा रहा है, ताकि कही भी गंदगी सर्वे करने वाली टीम को न दिखे।
शहर के 20 से ज्यादा छोटे-बड़े नालों से गाद निकाल दी गई है और नाले के एक तरफ ट्रेंच बनाकर नाले के बाकी हिस्से को सूखा दिया गया। स्वच्छता रैंकिंग में नालों की सफाई के भी नंबर है। इंदौर के नालों के आसपास से सैकड़ों टन गाद निकाल कर उन्हें साफ किया गया है।
पंचकुईया नाले के आसपास सफाई अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है। यहां रिटेनिंग वाॅॅल बनाई जा रही है और घाटों को भी साफ किया जा रहा है। शनिवार को खुद निगमायुक्त शिवम वर्मा पंचकुईया घाट पहुंचे और नाला सफाई के काम को देखा। उन्होंने कहा कि घाट और उसके आसपास के पुराने मंदिरों को संवारा जाएगा। विनोबा नगर, पलासिया, सुखलिया नाले को भी नगर निगम सुखा चुका है। पिछले साल भी नगर निगम ने इस तरह की कवायद की थी और नाले में अफसरों ने क्रिेकेट भी खेला था।
सूरत और नवी मुबंई दे रहा टक्कर
इस बार सफाई मेें सूरत और नवी मुबंई भी काफी मेहनत कर रहे है। सूरत ने पिछले साल इंदौर के साथ संयुक्त रुप से नंबर वन की रैंकिंग साझा की थी। इस बार भी सूरत टक्कर दे रहा है, लेकिन इंदौर ने भी बीते चार माह से इंदौर की सफाई व्यवस्था फिर मजबूत हो गई।