राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के आयोजन स्थल को लेकर विवाद लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। रीजनल पार्क के सामने स्थित मैदान के आवंटन के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण ने कार्यक्रम की पूर्व तैयारियों के नाम पर 4 लाख रुपए अतिरिक्त शुल्क की मांग की थी, जिसे कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को जमा करा दिया है। राहुल गांधी के इस कार्यक्रम की आधिकारिक अनुमति प्राप्त करने में कांग्रेस को करीब 15 दिनों का समय लग गया, जिसके बाद प्राधिकरण ने 10 लाख 8 हजार रुपए लेकर अनुमति दी थी। हालांकि, बुधवार को नया पेंच फंसाते हुए प्राधिकरण ने तैयारियों के एवज में 4 लाख रुपए अतिरिक्त जमा कराने का पत्र जारी कर दिया।
किराए में बार-बार बढ़ोतरी का आरोप
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के अनुसार, मैदान आवंटन के लिए जब शुरुआती आवेदन दिया गया था, तब इसका अनुमानित शुल्क लगभग 2 लाख रुपए बताया गया था। बाद में इस राशि में बढ़ोतरी करते हुए इसे बढ़ाकर करीब 10 लाख रुपए तय किया गया, जिसे पार्टी द्वारा विधिवत जमा भी कर दिया गया था। इसके बावजूद प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की ओर से तैयारियों की अवधि का हवाला देते हुए 4 लाख रुपए और जमा कराने का नया निर्देश जारी कर दिया गया।
अनुमति और शुल्क की तारीखों पर उठे सवाल
कांग्रेस नेतृत्व ने अनुमति की तिथियों को लेकर भी गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। पार्टी का कहना है कि प्राधिकरण द्वारा कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति 15 सितंबर को जारी की गई, जबकि अतिरिक्त तैयारी शुल्क का आकलन 14 सितंबर से ही शुरू कर दिया गया। कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया को अनुचित ठहराते हुए आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है और आयोजन में बाधाएं उत्पन्न करने का प्रयास कर रहा है।
तीन दिवसीय आयोजन के लिए मैदान आवंटित
कांग्रेस को रीजनल पार्क के सामने स्थित लगभग 12 हजार वर्गमीटर का मैदान 17 से 19 सितंबर तक कुल तीन दिनों की अवधि के लिए आवंटित किया गया है। पूर्व में जमा किए गए 10.08 लाख रुपए के बाद अब 4 लाख रुपए अतिरिक्त जमा कराने के बाद कुल राशि 14 लाख रुपए से अधिक हो गई है। कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम युवाओं और आने वाली पीढ़ी के महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अनुमति और शुल्क से जुड़ी अड़चनें पैदा की जा रही हैं।