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Indore: जेल से छूटे कालोनाइजर को पकड़कर कलेक्टर के सामने ले गए पीड़ित, बोले- दस साल हो गए कब मिलेंगे प्लाट

Tue, 16 May 2023 09:05 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

ग्रीनलेण्ड शेल्टर्स प्रा. लिमिटेड की पांच कालोनी का मामला, तीन हजार दो सौ लोगों को नहीं मिले प्लाट, कई लोग तो प्लाट के इंतजार में ही गुजर गए
 
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प्लाट के लिए परेशान पीड़ित - फोटो : न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर में जमीनों का खेल खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। मंगलवार को जनसुनवाई में आया जमीनों के खेल का मामला देख कलेक्टर भी चौंक गए। ग्रीनलेण्ड शेल्टर्स प्रा. लिमिटेड के डायरेक्टर अरविन्द वंजारी द्वारा काटी गई कॉलोनियों की शिकायत लेकर कई नागरिक जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे पिछले दस साल से अपने प्लाट के लिए परेशान हो रहे हैं। कुल तीन हजार दो सौ लोगों को प्लाट मिलना हैं और वे दर दर भटक रहे हैं। पीड़ित अपने साथ अरविन्द वंजारी को भी लेकर पहुंचे और अपने प्लाट जल्द दिलाने की बात कही। गौरतलब है कि पीड़ितों की शिकायत पर वंजारी को पुलिस ने 24 अक्टूबर 2017 को गिरफ्तार किया था और उसे छह साल की सजा के बाद अब जमानत मिली है। जमानत पर उसके छूटते ही पीड़ित उसे पकड़कर कलेक्टर कार्यालय ले गए। 
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कलेक्टर बोले कालोनाइजर पर विश्वास नहीं कर सकते
कलेक्टर इलैया राजा टी ने वंजारी को कहा कि इतने साल में प्लाट नहीं दे पाए तो अब कैसे दोगे। तुम पर विश्वास नहीं किया जा सकता। इस पर वंजारी ने कलेक्टर को कई दस्तावेज दिखाए और कहा कि मैं जल्द प्लाट दे दूंगा बस प्रशासन डवलपमेंट की अनुमति जल्द देने में मदद करे। कलेक्टर ने सभी को शनिवार को वापस मीटिंग के लिए बुलाया है। 

दस साल में भी नहीं मिला प्लाट पर कब्जा
पीड़ितों ने बताया कि वंजारी द्वारा बनाई गई सभी कॉलोनियां अविकसित रूप में हैं। इनका न तो कोई विकास किया गया है न ही प्लॉट की सीमांकन कर किसी को मालिकाना हक दिया गया है। जमीनों की किसी के पक्ष में रजिस्ट्री भी नहीं की गई है। सिर्फ 40-42 प्लॉटधारकों की रजिस्ट्री हुई है लेकिन उन्हें भी कब्जा नहीं मिला है। 
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कॉलोनाइजर द्वारा कुछ वर्ष पूर्व इंदौर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निम्न कॉलोनियों को विकसित करने की योजना बनाई गई थी। इन सभी कालोनियों में पीड़ितों के प्लाट फंसे हुए हैं। 
(1) ग्राम शिवनगर, खारडाखेड़ा एवं पिपलिया लौहार, तहसील महू जिला इंदौर की भूमि पर
"ग्रीनलाइफ सिटी-1 (फेस 1, 2, 3, 4) (2) ग्राम तिल्लोर खुर्द, तहसील महू जिला इंदौर की भूमि पर 'ग्रीनलाइफ सिटी-20 66
(3) ग्राम मेमदी, तहसील महू जिला इन्दौर की भूमि पर "ग्रीनलाइफ टाउनशिप "
(4) ग्राम कजलीगढ़, तहसील महू जिला इन्दौर की भूमि पर "ग्रीनलाइफ प्रॉस्पेरिटी”
(5) ग्राम चिकली, तहसील महू जिला इंदौर की भूमि पर "ग्रीनलाइफ ग्रीन व्यू सिटी" एवं " ग्रीनलाइफ सिटी हिल्स "

क्या है पेंच
कई लोगों ने रेरा में शिकायत की है और कई लोग प्लाट के बदले पैसा मांग रहे हैं। कलेक्टर इलैया राजा टी ने कहा कि यदि सभी प्लाट लेने पर एकमत होते हैं तो डवलपमेंट की सभी अनुमतियां प्रशासन जल्द दे देगा। इस पर भी पीड़ितों को डर है कि डवलपमेंट का पैसा जमा करने और अनुमति मिलने के बाद वंजारी कहीं भाग गया तो वे लोग फिर से परेशान होते रहेंगे। 
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