तेजी से महानगर की दिशा में बढ़ रहे इंदौर में जल्द चार नए पुलिस थाने खोले जाएंगे। इसके साथ ही साइबर अपराधों की रोकथाम व शिकायत के लिए एक अलग थाना बनेगा।
इंदौर में बसाहट तेजी से फैल रही है। 20 साल पहले तक विजय नगर में पुलिस चौकी हुआ करती थी, लेकिन अब उसकी गिनती मुख्य थानों में हो गई है। अब विजय नगर से भी 15 किलोमीटर आगे तक शहर फैल चुका है। इसके अलावा गांधी नगर और बायपास की तरफ भी काफी नई काॅलोनियां व टाउनशिप विकसित हो चुकी हैं। इस हिस्से में भी नए थाने का प्रस्ताव पुलिस विभाग ने तैयार किया है।
अभी इंदौर में 42 थाने
इंदौर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम के तहत 36 थाने हैं। इनके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में छह थाने हैं। 10 साल पहले इंदौर की नगर निगम सीमा का विस्तार हुआ। इसके बाद सीमावर्ती क्षेत्रों के थानों के इलाके काफी बढ़ गए हैं। इस कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में नए थाने की जरूरत महसूस हो रही है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को इंदौर से जुड़े विकास कार्यों व प्रोजेक्टों को लेकर चर्चा की थी। इसमें पुलिस विभाग के आला अफसरों ने भी नए थानों की जरुरत बताई है। अब गृह विभाग को नए थाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। नई थानों के लिए जमीन अलाॅट होने और भवन निर्माण होने के बाद थानों पर स्टाफ नियुक्ति की जाएगी। पांच साल पहले इंदौर में द्वारकापुरी, कनाडिया थाना और तिलक नगर थाने नए बनाए गए थे।
इन इलाकों में होंगे चार नए थाने
इंदौर में महालक्ष्मी नगर थाना नया बनेगा। इस थाने में कनाडिया, खजराना और लसुड़िया के क्षेत्र जोड़े जाएंगे। इसके अलावा सुपर काॅरिडोर थाना भी बनेगा। इसमें बाणगंगा और एरोड्रम क्षेत्र के कुछ हिस्से जोड़े जाएंगे। चंदन नगर क्षेत्र भी काफी फैल चुका है। इस इलाके में धार रोड थाना खोलने का प्रस्ताव भी भेजा गया है।
इंदौर में सायबर अपराध भी काफी बढ़ चुके है। अभी तक सायबर सेल इन केसों को देखती है, लेकिन इसके लिए थाने की जरूरत भी महसूस होने लगी है। इसे देखते हुए सुल्काखेड़ी में सायबर थाना भी खोला जाएगा।