इंदौर में देवी अहिल्या की 300वीं जयंती गौरव दिवस के रूप में मनाई जा रही है। बुधवार से शहर में आयोजनों की शुरुआत हुई। इस मौके पर कवि व पूर्व विधायक सत्यनारायण सत्तन को देवी अहिल्या नगर गौरव सम्मान दिया गया। यह आयोजन लोकमाता देवी अहिल्या जयंती समारोह समिति ने किया था।
इस मौके पर सत्यनारायण सत्तन ने कहा कि मेरे लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। मैंने हमेशा राजनीति को जनसेवा का माध्यम ही समझा, कहीं काॅलोनी नहीं काटी, किसी के ट्रांसफर के पैसे नहीं मांगे। किसी प्लाॅट पर कब्जा नहीं जमाया। कविताएं मंचों पर पढ़कर और बच्चों को पढ़ाकर परिवार चलाया। इन विकृतियों से दूर रहा तो मैं प्रचलन में नहीं आया। प्रचलन में वही आता है जो चलन के अनुरूप हो।
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उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर अभियान को लेकर कहा कि हम इस देश में पैदा हुए हैं। देश के हिस्से नहीं होने दे सकते हैं। जो दूसरे देशों से आए, वे अपना हिस्सा ले गए। अब फिर हिस्सेदार खड़े हो गए हैं, लेकिन उन्हें झटका देना जरूरी है, जैसे अभी दिया है।
सत्तन ने अपनी राजनीतिक व काव्य यात्रा से जुड़े कई संस्मरण सुनाए। सत्तन के सम्मान के बाद लखनऊ के कवि प्रख्यात मिश्रा ने काव्य पाठ भी किया। मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सत्तन ने प्रदेश में भाजपा की जमीन तैयार करने में बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने हमेशा शुचिता की राजनीति की और जनसेवा से जुड़े रहे।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पुरस्कार को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट भी की थी। उन्होंने कहा कि सत्तन जी ने मां सरस्वती की सेवा की है। उनकी काव्य यात्रा में लोग डूब जाते हैं। वे आकर्षक व्यक्तिव के धनी हैं। सत्तन ने राजनीति में संघर्ष के साथ अपनी पहचान बनाई। वे उत्कृष्ट विधायक रहे हैं। उन्होंने देवी अहिल्या गौरव उत्सव सम्मान देने पर सत्तन को बधाई दी।