इंदौर के मालवा मिल-पाटनीपुरा मार्ग पर छह करोड़ की लागत से बने ब्रिज पर कई खामियां रह गई हैं, जो लोकार्पण के बाद उभर कर सामने आ रहीं हैं। शुक्रवार रात हुई तेज बारिश के कारण ब्रिज पर पानी भर गया। ब्रिज के पाटनीपुरा वाले हिस्से में जल निकासी के लिए ब्रिज के समीप ही चैंबर बनाया गया है, लेकिन ब्रिज सड़क से दो इंच नीचे बनाया गया है, इस कारण पानी को पर्याप्त बहाव नहीं मिली और ब्रिज पर पानी भरने लगा।
ये खबर भी पढ़ें: Indore News: रजत पाटीदार को मिली मप्र रणजी टीम की कमान, इंदौर में होगा पंजाब से रोमांचक मुकाबला
अफसरों का कहना है कि ब्रिज पर कोई तकनीकी खामी नहीं है। भविष्य में ब्रिज पर डामर की लेयर लगाई जाएगी। तब ब्रिज और सड़क की चौड़ाई एक समान हो जाएगी, हालांकि जो लोग ब्रिज से निकल रहे हैं, उन्हें गेप के कारण दचके महसूस हो रहे हैं। इस कारण नया ब्रिज सोशल मीडिया पर भी शनिवार को छाया रहा।
ब्रिज निर्माण के कारण आठ माह से पाटनीपुरा मार्ग बंद था। व्यापारियों का भी नगर निगम पर दबाव था कि वे दीपावली त्यौहार से पहले ब्रिज आवागमन के लिए खोलें। इस कारण दशहरे के पर्व पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ब्रिज का लोकार्पण किया, लेकिन ब्रिज का कुछ काम बचा हुआ है। ब्रिज की स्लैब को सड़क से पूरी तरह नहीं मिलाया गया। इस कारण गेप रह गया। स्लैब पर फायनल फिनिशिंग रह गई। ट्रैफिक के लिए खोलने से पहले ब्रिज पर पानी की तरी की गई। टाट को ब्रिज की सरफेस पर बिछाकर दिन रात तरी की जा रही थी। इस कारण सरफेस का काम बचा रहा गया।