इंदौर के युवाओं ने एक अनोखी पहल की है। युवाओं की इस टीम ने नशे के विरुद्ध अभियान की शुरूआत की है। यह युवा स्कूल, कालेजों में जाकर छात्रों को नशे के दुष्प्रभाव बताएंगे। युवा आनंद के लिए नई नई चीजें तलाश करते हैं और कभी कभी इसी के चलते वह नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं। युवाओं की यह टीम नशा करने वालों को धर्म, योग, पर्यटन और उन क्षेत्रों से जोड़ेगी जहां पर उन्हें खूब आनंद भी मिले और नशे की आदत स्वाभाविक रूप से छूट जाए।
धर्म का नशा करें
संस्था सीता सर्वेश्वरी के उद्घाटन समारोह में सैकड़ों युवाओं ने यह संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री अच्युत गोपाल प्रभु ने युवाओं को धर्म का महत्व बताया और समझाया कि किस तरह से नशे के जाल में फंसकर पूरा जीवन समाप्त हो जाता है।
नशा करवाने वालों को भी नहीं बख्शेंगे
कार्यक्रम में आए अतिथि अमन यादव और अनुराग प्रताप सिंह ने कहा कि नशा करवाने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा। पुलिस और प्रशासन के सहयोग से जहां पर भी नशा करवाने वाले मिलेंगे उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाएंगे। आज के समय में नशा ही सबसे बड़ा शत्रु है और हमें इसे नष्ट करने के लिए युवाओं को जोड़कर सतत प्रयास करना होंगे।
कई क्षेत्रों में काम कर रही संस्था
अन्य अतिथियों में अमन यादव, अनुराग प्रताप सिंह राघव, जय सिंह ठाकुर ने भी युवाओं को संबोधित किया। संस्था सीता सर्वेश्वरी के अध्यक्ष कान्हा चौहान ने बताया कि संस्था पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक जागरण के साथ नशे के विरुद्ध भी काम करेगी। संस्था गौमाता की रक्षा के लिए भी लंबे समय से काम कर रही है।