मध्यप्रदेश की तीन मेधावी लड़कियां संसद के सेंट्रल हॉल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने स्पीच देने का अवसर प्राप्त करेंगी। इनका चयन राज्य स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता में हुआ है, जिसे विधानसभा के मानसरोवर सभागार में आयोजित किया गया था। यह प्रतियोगिता 'विकसित भारत' थीम पर आधारित थी, जिसमें प्रदेशभर के युवा शामिल हुए थे। प्रतियोगिता में इंदौर की सजल जैन, भिंड की यति सिंह सिसोदिया और राशि त्रिपाठी का चयन हुआ है, जिनको संसद में प्रधानमंत्री के समक्ष अपने विचार रखने का मौका मिलेगा।
संविधान और कर्तव्यों पर सजल जैन का विचार
राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली इंदौर की छात्रा सजल जैन ने अपने भाषण में महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि अधिकार और कर्तव्य की यात्रा में वर्तमान समय में अधिकार कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं, जबकि कर्तव्य पीछे रह गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज हमें अपने कर्तव्यों का पालन करने की आवश्यकता है ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके। उनके विचारों ने सभी को यह एहसास दिलाया कि केवल अधिकारों की मांग नहीं, बल्कि कर्तव्यों का भी पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
राज्य स्तरीय युवा संसद में प्रतियोगिता
इस राज्य स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से कुल 200 युवा भागी थे। प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं को भारतीय संविधान, उनके अधिकारों, कर्तव्यों और प्रगति के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान, वक्ताओं ने भारतीय संविधान की यात्रा, उसके अधिकारों और कर्तव्यों के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया। 3-3 मिनट के समय में प्रत्येक प्रतिभागी ने अपने विचार प्रस्तुत किए, जिसमें उन्होंने संविधान के अधिकारों और कर्तव्यों के समन्वय को विकास का आधार बताया।
विशेष पुरस्कार प्राप्त करने वाले युवा
प्रतियोगिता के अंतर्गत, तीन अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इनमें शिवपुरी से मनीष शर्मा, देवास से भूमिका शर्मा और शहडोल से ओम तिवारी का नाम शामिल है। इन युवा प्रतिभागियों ने भी अपनी स्पीच में भारतीय संविधान के महत्व और इसके अधिकारों और कर्तव्यों की भूमिका पर गहरे विचार व्यक्त किए। इन युवाओं का चयन उनकी भाषण क्षमता और संविधान के प्रति उनके विचारों के आधार पर हुआ था।