निर्माण तोड़ते समय इस तरह प्रभावितों को घेर कर रखा गया।
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इंदौर के एमओजी लाइन क्षेत्र में तीन मकान हटाए गए। जहां स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार रहते है। लोकसभा चुनाव के समय भी निगम का अमला उन्हें हटाने पहुंचा था, लेकिन भारी विरोध के कारण बाधक निर्माण नहीं हटाए जा सके।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत एमओजी लाइन में नए भवन बनना है। परिवारों को छोटा बांगड़दा में फ्लैट भी दिए थे, लेकिन वे जाने को तैयार नहीं थे। सुबह पुलिस बल के साथ जब नगर निगम के अफसर वहां पहुंचे तो रहवासियों ने काफी विरोध किया। इनमें ज्यादातर बुर्जुग भी थे, इसलिए पुलिस ने सख्ती करने के बजाए उन्हें समझाया।
एक थाना प्रभारी तो हाथ जोड़कर मकान खाली करने का बार-बार आग्रह करते रहे। मौके पर एम्बुलेंस भी तैनात की गई थी,ताकि किसी की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया जा सके। बड़ी मुश्किल से अफसरों ने मकान खाली कराए अौर उन्हें जमींदोज किया गया।
बुुर्जुग पानी फेंकता रहा अफसरों पर
मकान तोड़ने से पहले एक बुर्जुग व्यक्ति काफी नाराज नजर आया। अफसर उसे समझाने आते तो वह उन पर बार-बार पानी फेंकने लगा। बाद में उसे परिवार के लोगों ने ही कहा कि वह पानी न फेंके।
एक महिला भी काफी देर तक रोती रही। वह कुछ गलत कदम न उठा ले,इसलिए महिला पुलिसकर्मियों ने उसके पास खड़े रहकर निगरानी रखी। एमअेाजी लाइन में रीडेंसीफिकेशन स्कीम के तहत पुराने मकानों को हटाकर 80 करोड़ की लागत से नए बिल्डिंगें बनाई जाएगी। इसके टेंडर भी जारी हो चुके है। नए भवन में सरकारी दफ्तरों के लिए भी स्थान होगा।