कमजोर काॅलम नहीं सह पाए कांक्रिट का वजन।
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रानीपुरा क्षेत्र में गिरे मकान का हादसा रुक सकता था। यदि नगर निगम के अफसर और मकान मालिक समय पर चेत जाते तो, लेकिन अब लापरवाहीं के कारण हादसा हो चुका है। सात सौ वर्गफीट में बना मकान अवैध था। तल मंजिल में बगैर अनुमति के दुकानों का निर्माण किया गया था। इसके अलावा उपरी हिस्से में भी शेड बनाए गए थे। निर्माण के समय काॅलम में कम मोटाई के सरिए डाले गए थे, जो बिल्डिंग का वजन नहीं सह पाए।
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चार दिन पहले मकान का एक काॅलम धंसा था तो दुकानदार ने मकान मालिक को दुकानदार का शटर नहीं लगा पाने की समस्या बताई थी,लेकिन तब मकान मालिक ने मकान के झुकाव को हल्के में लिया था। जिस कारण यह हादसा हो गया। यदि नगर निगम के अफसर निर्माण के समय ही अवैध निर्माण के खिलाए एक्शन लेते तो मध्य क्षेत्र में तीन मंजिला बिल्डिंग अवैध नहीं बन सकती थी।
आठ बजे बंद कर दी थी दुकान
बिल्डिंग में तीन दुकानों में आठ से ज्यादा कर्मचारी व दुकानदार रहते है। त्योहार के चलते शाम को कम ग्राहकी होने के कारण दुकानें रात आठ बजे बंद कर सभी चले गए थे। यदि दुकानें खुली रहती तो प्रभावितों की संख्या और बढ़ जाती। इसके अलावा परिवार के कुछ लोग अपने रिश्तेदार से मिलने खजराना गए थे। वे भी इस हादसे में बच गए।
रात डेढ़ बजे हटाया मलबा
दबे मकान में जिंदगियां खोजने के काम रात डेढ़ बजे तक चला। सभी 12 घायलों और दो मृतकों को निकालने के बाद जेसीबी से मकान के मलबे को हटाना शुरू किया गया। बचाव कार्य प्रभावित न हो। इसके लिए गली की स्ट्रीट लाइट की बिजली काट दी गई थी।