रविवार को इंदौर के ऐतिहासिक गोपाल मंदिर में रविवार को विवाह होने का मुद्दा गरमा गया। मात्र 25 हजार रुपये शुल्क लेकर प्राचीन मंदिर में विवाह की इजाजत दे दी गई थी। इस मामले में इंदौर के संभागायुक्त दीपक सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए गोपाल मंदिर इंदौर के प्रबंधक के.एल. कौशल की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं।वहीं माफी ऑफिसर डिप्टी कलेक्टर विनोद राठौर को भी प्रभारी पद से हटा दिया गया। माफी अधिकारी आयुक्त कार्यालय इंदौर का प्रभार संयुक्त कलेक्टर कल्याणी पांडे को सौंपा गया है।
संभागायुक्त दीपक सिंह ने इंदौर के कलेक्टर आशीष सिंह को गोपाल मंदिर में विवाह समारोह आयोजित किए जाने के संबंध में जांच के आदेश दिए हैं। बता दें, शासकीय परिसरों में बिना शासन अनुमति के किसी भी तरह की गतिविधियों का संचालन प्रतिबंधित है। कमिश्नर दीपक सिंह ने गोपाल मंदिर व्यवस्था संबंध संचालन के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश बनाने के लिए उच्च स्तरीय समिति गठन करने के निर्देश भी कलेक्टर को दिए हैं। यह समिति मंदिर के संचालन संबंधी विस्तृत दिशा निर्देश तैयार करेगी।
ज्यादा मेहमान बुलाए, खाना भी बना
प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि पहले भी गोपाल मंदिर शादी के लिए किराए पर दिया जाता था, लेकिन इस बार की शादी में ज्यादा मेहमानों को बुलाया गया और वहां पर खाने की व्यवस्था भी की गई।
करोड़ों रुपये लगाकर नाम मात्र के किराए पर दिया
उधर, भाजपा के पूर्व विधायक गोपीकृष्ण नेमा ने कहा कि इंदौर के अफसर बधाई के पात्र हैं। शहर के मध्य गोपाल मैरेज हाॅल का जनता को पता चला। करोड़ों रुपये लगाकर जिस मंदिर को संवारा गया, उसे नाममात्र के किराए पर क्यों दिया जा रहा है? मंदिर परिसर के किराएदारों को पहले निकाला गया। इससे कई लोग बेरोजगार हो गए, लेकिन अब तो मंदिर परिसर ही किराए पर दे दिया गया। इससे भक्तों की भावनाएं आहत हुई है। अब कोई भी अफसर इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
मंदिरों से कमाई कर रहे : चौकसे
कांग्रेस नेता राजेश चौकसे ने कहा कि भाजपा के राज में मंदिरों से भी कमाई की जा रही है। इससे जनभावनाएं आहत हुई हैं। इंदौर में कई निर्धन परिवार कम्युनिटी हाॅलों में विवाह आयोजन करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे कई कम्युनिटी हाॅल तोड़ दिए गए और अब मंदिर शादी के लिए किराए पर दिए जा रहे हैं। नेमा ने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अफसरों पर सख्त कदम उठाना चाहिए।
टेंट-तंबू गायब, परिसर में फैला कचरा
विवाह आयोजन का मामला तूल पकड़ने के बाद सोमवार सुबह शादी के टेंट-तंबू तो गायब हो गए, लेकिन गोपाल मंदिर परिसर में जगह-जगह कचरा फैला हुुआ था। इससे सुबह दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को परेशानी हुई। भक्तों का कहना है कि पहले हमने कभी यहां शादी के आयोजन नहीं देखे। प्रवासी सम्मेलन के दौरान जरूर विदेशी मेहमानों के लिए मंदिर को सजाया गया था।
गर्भगृह के सामने बनाया था हवन कुंड
बता दें, रविवार को मंदिर में एक कारोबारी ने अपनी बेटी की शादी कराई। मंदिर परिसर में फूलों का डेकोरेशन किया गया था। गलियारे में मेहमानों के लिए सोफे रखे गए थे। मंदिर में गर्भगृह के सामने हवन कुंड बना दिया गया था और दुल्हा-दुल्हन के फेरे के लिए डेकोरेशन किया गया था। आसपास कुर्सियां भी लगाई गई थी। मंदिर परिसर में ही भोजन भी तैयार किया गया था।