इंदौर के चंदन नगर क्षेत्र में नगर निगम के नाम से बस्तियों व गलियों के बोर्ड लगा दिए गए। इसमें प्रचलित नाम बदल कर धर्म विशेष से जुड़े नामों का उल्लेख किया गया। इसकी जानकारी जब क्षेत्रीय विधायक व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को लगी तो उन्होंने आपत्ति जताई। इसके बाद नगर निगम का अमला बोर्ड हटाने पहुंचा। मेयर ने इस मामले अफसरों को प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए है।
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इंदौर के चंदन नगर क्षेत्र में अलग-अलग सेक्टर व गलियां है। जिनके नाम चंदूवाला रोड, आम वाला रोड व मिश्री रोड है, लेकिन यहां धर्म विशेष के नामों को बड़े अक्षरों में लिखा गया और प्रचलित नामों को छोटे अक्षरों में कोष्टक में लिखा गया। इसकी जानकारी भाजपा पदाधिकारियों ने क्षेत्रीय विधायक कैलाश विजयवर्गीय को दी। इसके बाद उन्होंने नाम बदले जाने और बोर्ड लगाने पर आपत्ति जताई। शाम को नगर निगम का अमला मौके पर पहुंचा और बोर्ड उखाड़ दिए।
पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मेयर को इस मामले में पत्र भी लिखा था। आकाश ने मीडिया से कहा कि जो भी अधिकारी इस काम में शामिल है। उनके खिलाफ एक्शन लिया जाना चाहिए। लव जिहाद के बाद अब लैंड जिहाद शुरू किया गया है। जैसे ही हमें बोर्ड लगाने की जानकारी मिली। हमने शिकायत की। इसके बाद नगर निगम ने बोर्ड हटा दिए।
इस मामले में मेयर पुष्य मित्र भार्गव का कहना है कि महापौर परिषद की अनुमति के बगैर पार्षद फातिमा रफीक खान ने बोर्ड लगाए है। इस मामले में प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश दिए है। इसके अलावा अवैध बोर्ड हटा दिए गए है। इस मामले में पार्षद के पति रफीक खान का कहना है कि बोर्ड पर जो नाम है, गलियां उन्हीं नामों से पहचानी जाती है। बोर्ड नगर निगम के कर्मचारियों ने लगाए है। इसमें हमारी कोई भूमिका नहीं है। चंदन नगर में कुल पांच स्थानों पर यह बोर्ड सड़क किनारे लगाए थे।
आपको बता दे कि चंदन नगर मुस्लिम बहुल्य बस्ती है, जो अवैध है। 40 साल पहले मास्टर प्लान के रिंग रोड पर यह जमीन बसाई गई थी। इस कारण रिंग रोड अधूरा ही बन पाया। अब नगर निगम चंदन नगर से एरोड्रम रोड तक लिंक रोड बना रहा है। जिसकी चौड़ाई 60 फीट है।