इंदौर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। रोजाना 150 से ज्यादा लोग कुत्तों के हमले (डॉग बाइट) के मामलों में अस्पताल पहुंच रहे हैं। इस गंभीर समस्या पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की है। कोर्ट के इस कदम से शहरवासियों में राहत की उम्मीद जगी है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आदेश का स्वागत करते हुए इंदौर के लिए भी ऐसे ही निर्देश जारी करने की मांग की है। नगर निगम शेल्टर हाउस बनाकर कुत्तों को वहां स्थानांतरित करने की तैयारी कर रहा है। लाल अस्पताल के डॉक्टर आशुतोष शर्मा ने बताया कि रोज 150 से अधिक केस आ रहे हैं और यह घटते बढ़ते रहते हैं। प्रशासन ने कई अस्पतालों में डॉग बाइट के इंजेक्शन की व्यवस्था की है लेकिन मामले तेजी से बढ़ते ही जा रहे हैं।
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20 हजार से अधिक कुत्तों की नसबंदी बाकी
पिछले एक दशक से नगर निगम द्वारा आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने का अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन समस्या पर अंकुश नहीं लग सका। निगम सीमा में अब भी 20 हजार से अधिक कुत्तों की नसबंदी होना बाकी है, जिसके चलते डॉग बाइट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: आवारा कुत्तों को शेल्टर हाउस में शिफ्ट करें
एक रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने कुत्तों के काटने और रेबीज जैसी घातक बीमारी के बढ़ते मामलों को चिंताजनक बताया है। कोर्ट ने पहले चरण में एनसीआर क्षेत्र के 5,000 से अधिक आवारा कुत्तों को शेल्टर हाउस में भेजने का आदेश दिया है।
इंदौर में भी लागू हों आदेश
महापौर भार्गव का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश केवल एनसीआर तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि देश के सभी नगर निगमों में लागू होने चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो इंदौर नगर निगम सुप्रीम कोर्ट में पक्षकार बनकर शहर की स्थिति रखेगा और ऐसे ही आदेश की मांग करेगा। नगर निगम ने साफ किया है कि शेल्टर हाउस निर्माण के बाद कुत्तों को वहां शिफ्ट करने की पूरी तैयारी है।