सराफा चौपाटी मामले का समाधान निकालने के लिए सोमवार को महापौर पुष्पमित्र भार्गव ने व्यापारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सभी पक्षों से चर्चा के बाद महापौर ने 9 सदस्यों की कमेटी गठित करने की घोषणा की। यह समिति 5 से 7 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी और चौपाटी के स्वरूप, संचालन समय और सुरक्षा पर खाका तैयार करेगी।
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इस तरह होगी समिति की संरचना
महापौर ने बताया कि समिति में 3 सदस्य सोना-चांदी व्यापारियों से, 3 चौपाटी व्यापारियों से और 3 सदस्य निगम अधिकारियों व एमआईसी सदस्यों से होंगे। महापौर स्वयं भी समिति में शामिल रहेंगे। समिति का मुख्य उद्देश्य सराफा चौपाटी को उसके पारंपरिक स्वरूप और धरोहर महत्व के साथ संरक्षित करना है।
पारंपरिक स्वरूप में लौटेगी चौपाटी
बैठक में तय किया गया कि श्राद्ध पक्ष के बाद सराफा चौपाटी में केवल पारंपरिक दुकानें लगेंगी। महापौर ने कहा कि सराफा चौपाटी इंदौर की पहचान है और इसे सुरक्षित, सुंदर और अनुशासित रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर संवाद और समन्वय का प्रतीक है और व्यापारी वर्ग के सहयोग से चौपाटी को नए रूप में संवारकर पेश किया जाएगा।
व्यापारियों ने यह सुझाव दिए
बैठक में इंदौर चांदी-सोना-जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी ने कई सुझाव रखे।
* चौपाटी रात 10 बजे के बाद ही लगे।
* फायर सेफ्टी की पर्याप्त व्यवस्था हो।
* चाइनीज फूड की दुकानों को हटाया जाए।
* सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गैस सिलेंडर का उपयोग बंद किया जाए।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि चौपाटी का संचालन समय सोना-चांदी व्यापार के समय के अनुरूप तय किया जाए।
निर्णय और नियम
बैठक में तय हुआ कि श्राद्ध पक्ष के बाद कमेटी अंतिम नियम बनाएगी। चौपाटी वालों को रात 10 बजे से पहले अंदर प्रवेश नहीं मिलेगा। साथ ही शहर के अन्य बाजारों की तरह सराफा बाजार भी रात 10 बजे तक खुला रहेगा, जिससे ग्राहकों को असुविधा ना हो।