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Indore: इंदौर बाईपास बना ‘मौत का रास्ता’, टूटे डिवाइडर से लोग जान जोखिम में डालकर पार कर रहे हैं सड़क

Wed, 04 Feb 2026 10:05 AM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

इंदौर में बाईपास और रिंग रोड पर लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन हालात में सुधार नहीं दिख रहा। बाईपास पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण जगह-जगह मलबा और सामग्री पड़ी है।
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लगातार हादसों के बावजूद हालात बदतर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सड़क हादसों के मामले में देश में दूसरे नंबर पर पहुंच चुका इंदौर अब भी सुरक्षित यातायात के मोर्चे पर पिछड़ा नजर आ रहा है। शहर के मुख्य मार्गों के साथ-साथ बाईपास और रिंग रोड लगातार बड़े हादसों के गवाह बनते जा रहे हैं। खासतौर पर इंदौर बाईपास पर स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद यहां हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।
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फिलहाल बाईपास पर कई स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके चलते जगह-जगह मिट्टी, गिट्टी और निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है। इसके अलावा कई अंडरपास और क्रॉसिंग बंद होने के कारण लोगों ने बाईपास के बीच बने डिवाइडर ही तोड़ दिए हैं। इन्हीं टूटे डिवाइडरों के बीच से लोग अपने वाहन निकाल रहे हैं और तेज रफ्तार ट्रकों व बसों के बीच जान जोखिम में डालकर सड़क पार कर रहे हैं।

देवास नाके से लेकर रालामंडल तक हालात खराब

बाईपास पर देवास नाके से लेकर रालामंडल तक कई जगह डिवाइडर तोड़ दिए गए हैं। आसपास के किसानों और आम निवासियों ने अपने वाहनों की आवाजाही के लिए इन्हें तोड़ा था, लेकिन अब बड़ी संख्या में लोग इन्हीं जगहों से निकल रहे हैं। इससे हादसों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
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लगातार हादसों के बावजूद प्रशासन उदासीन

बाईपास पर लगातार हादसे हो रहे हैं। बीते दिनों अर्जुन बड़ौद ब्रिज के मामले में हाईकोर्ट भी प्रशासन को फटकार लगा चुका है। यहां ट्रैफिक जाम में फंसने से कई लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने बाईपास की समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हालात में खास सुधार नजर नहीं आ रहा है और प्रशासन की उदासीनता बनी हुई है।

लोगों को भी दिखानी होगी जिम्मेदारी
प्रशासन द्वारा सड़क हादसों को रोकने के लिए गठित सुझाव समिति के सदस्य अतुल सेठ ने बताया कि  बाईपास पर हो रहे हादसों के पीछे कई कारण सामने आए हैं। इस संबंध में वे कई बार प्रशासन को रिपोर्ट सौंप चुके हैं। उन्होंने कहा कि कई जगह सुधार कार्य चल रहे हैं, लेकिन लोगों को भी जागरूक होना होगा। इस तरह जान जोखिम में डालकर सड़क पार करना बेहद गंभीर और खतरनाक है।
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कई जगह चल रहे निर्माण कार्य बने मुसीबत

बाईपास पर कई स्थानों पर निर्माण कार्य जारी है। अर्जुन बड़ौद ब्रिज के साथ ही फीनिक्स सिटाडेल मॉल के पास भी ब्रिज का काम चल रहा है। इसके अलावा कई जगह अंडरपास और लेफ्ट टर्न के निर्माण कार्य भी प्रगति पर हैं। इन सब कारणों से पूरे बाईपास पर निर्माण सामग्री जगह-जगह पड़ी हुई है। कई पुराने रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जिससे लोगों को समझ ही नहीं आ रहा कि बाईपास पर किस तरफ से जाना है। हालात यह हैं कि कई जगह लोग रॉन्ग साइड से वाहन चला रहे हैं और सामने से आने वाले तेज रफ्तार ट्रकों व भारी वाहनों का शिकार बन रहे हैं।
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