होली पर परदेशीपुरा में रंग से भरे गुब्बारे फेंकने को लेकर विवाद हुआ, जिसमें भोई समाज और रहवासियों ने वकीलों के खिलाफ प्रदर्शन किया। तुकोगंज में वकीलों ने थाना प्रभारी पर आरोप लगाकर चक्काजाम किया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पुलिसकर्मियों ने विरोध में डीपी काली की, पांच निलंबित हुए।
होली के दिन परदेशीपुरा में रंग से भरे गुब्बारे फेंकने पर हुए विवाद के मामले में भोई समाज और रहवासियों ने परदेशीपुरा थाने पर वकीलों के खिलाफ प्रदर्शन किया। फरियादी राजू गौड़ ने कहा कि रंग लगने की बात पर पिता पुत्र ने मारपीट की। उनके खिलाफ पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं की। लोगों ने पुलिस अफसरों से उनकी गिरफ्तारी की मांग की। रहवासियों ने वकीलों के खिलाफ नारेबाजी भी की।
पुलिस अफसरों ने डीपी काली कर जताया विरोध
तुकोगंज में शनिवार को वकीलों ने चक्काजाम किया और थाना प्रभारी जितेंद्र यादव पर शराब पीने का आरोप लगाते हुए उनके साथ हाथापाई भी की। इसके विरोध में रविवार को पुलिस अफसरों और पुलिसकर्मियों ने अपने वाट्सअप की डीपी काली कर विरोध दर्ज कराया। उधर तुकोगंज थाने में रविवार को एक व्यक्ति भी आया और चक्काजाम के दौरान उसने अपने साथ हुई बदसलूकी की शिकायत की। पुलिस ने नई शिकायत पर एक और प्रकरण दर्ज करने की तैयारी की है। आपको बता दें कि ढाई घंटे तक वकीलों ने चक्काजाम किया। इस कारण पूर्वी क्षेत्र का यातायात प्रभावित रहा। इस मामले में पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया।
क्या था मामला
बता दें कि शनिवार को परदेशीपुरा में रंगभरा गुब्बारा फेंकने पर वकील पिता-पुत्र ने विवाद किया था। पुलिस कर्मी समझाने पहुंचे तो उनके साथ हाथापाई की गई। बाद में वकील थाने पहुंचकर पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज कराने की मांग करने लगे। बाद में वकीलों ने इकट्ठा होकर चक्काजाम कर दिया। उस दौरान पुलिस अफसर को दौड़ा-दौड़कर मारने और वर्दी पर लगे स्टार खींचे गए। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। मामले में सियायत भी होने लगी है। दूसरे दिन विरोध देखा गया।
विजयवर्गीय ने कहा घटना टल सकती थी
शनिवार को तुकोगंज क्षेत्र में हुए चक्काजाम को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि इस घटना को टाला जा सकता था। अफसरों के बीच कम्युनिकेशन गैप रहा होगा। यदि बात हो जाती तो टकराव के हालात नहीं बनते।