चौपाटी का विरोध करते सराफा व्यापारी।
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इंदौर की सराफा चौपाटी के व्यंजनों का स्वाद देशभर में मशहूर है, लेकिन अब चौपाटी का विरोध स्थानीय सोना चांदी व्यापारी ही करने लगे हैं। उनका कहना है कि या तो चौपाटी को सराफा क्षेत्र से गांधी हाॅल परिसर या अन्य जगह शिफ्ट कराया जाए, या फिर चाट दुकानों की संख्या सीमित रखी जाए। नगर निगम ने चौपाटी को लेकर एक कमेटी भी गठित की थी। कमेटी ने राय दी थी कि चाट की दुकानें सीमित की जाएं। बुधवार को सराफा व्यापारियों ने धरना दिया और चौपाटी के विरोध में नारेबाजी भी की।
सराफा में 80 परंपरागत चाट के स्टाॅल वर्षों से लगते रहे हैं, लेकिन अब स्टाॅल की संख्या 150 से ज्यादा हो चुकी है। इस कारण सराफा व्यापारी इसका विरोध कर रहे हैं। इसे देखते हुए सराफा चौपाटी को लेकर फैसला नगर निगम की बैठक में होगा। यह बैठक इसी माह होगी।
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धक्का मुक्की को लेकर होते हैं विवाद
इंदौर की सराफा चौपाटी में देश के राजनेता, फिल्मी सितारे आते रहते हैं, लेकिन बीते कुछ वर्षों में चौपाटी पर जरूरत से ज्यादा भीड़ होने के कारण धक्का-मुक्की जैसे हालात बनने लगे हैं। कई बार छेड़छाड़ को लेकर विवाद भी हुए हैं। इसके अलावा सराफा व्यापारी व क्षेत्र के रहवासी भी चौपाटी के विरोध में हैं। उनका कहना है कि पहले चौपाटी में घरों से बने व्यंजन लाकर बेचे जाते थे, लेकिन अब ज्यादातर दुकानदार चौपाटी पर ही व्यंजन तैयार करते हैं। इससे आग लगने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा रातभर शोर के कारण रहवासी परेशान होते हैं। दुकानदार सड़क का ज्यादातर हिस्सा घेर लेते हैं।
कमेटी कर चुकी है दौरा
शिकायतों के बाद मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने एक कमेटी गठित की थी। कमेटी ने सराफा चौपाटी का दौरा कर रिपोर्ट महापौर परिषद में रखी थी। इसमें स्टाॅलों की संख्या सीमित करने पर जोर दिया गया है। अब इस मामले में निगम परिषद की बैठक में बहुमत के आधार पर फैसला लिया जाएगा।