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Indore News: इंदौर की बंजर पहाड़ियों को 'पानीदार' बनाने की तैयारी, फेंसिंग होगी, लाखों पौधे लगेंगे

Thu, 30 Apr 2026 05:32 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

Indore News: इंदौर के आसपास की बंजर पहाड़ियों को पुनर्जीवित करने के लिए पौधे लगाने का विशाल अभियान शुरू किया जा रहा है। अवैध खनन से प्रभावित पहाड़ियों पर जल स्तर सुधारने के लिए गड्ढे बनाए जाएंगे और जनता व एनजीओ का सहयोग लिया जाएगा। 
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रालामंडल को ‘ऑक्सीजन बॉक्स’ के रूप में विकसित करने की तैयारी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भीषण गर्मी से जूझ रहे इंदौर को संवारने के लिए प्रशासन नित नए प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में अब इंदौर के साथ साथ इंदौर के आसपास के क्षेत्रों में भी हरियाली बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है। वन विभाग के द्वारा इंदौर के आसपास अवैध मुरम खनन के कारण अपनी रंगत खो चुकी आठ बंजर पहाड़ियों को इस साल फिर से हरा-भरा करने की तैयारी की जा रही है। स्कूल, कॉलेज, एनजीओ, बीएसएफ और सशस्त्र बलों के जवानों के सहयोग से इन पथरीली पहाड़ियों को जलदार बनाने के लिए गड्ढे खोदे जाएंगे। प्रशासन द्वारा जुलाई से अक्टूबर के बीच यहां विशेष हरियाली महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस अभियान के तहत पितृ पर्वत की तर्ज पर आम लोगों को भी पहाड़ियों पर पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का अवसर मिलेगा। योजना के अनुसार इन चिन्हित क्षेत्रों में कुल 5 लाख पौधे रोपे जाने का लक्ष्य रखा गया है।
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पहाड़ियों की तार फेंसिंग होगी, वर्षा का पानी रोका जाएगा
डीएफओ लाल सुधाकर सिंह ने जानकारी दी कि वर्तमान में आठ पहाड़ियों का चयन किया गया है, लेकिन यदि महू, मानपुर और चोरल क्षेत्र में भी उपयुक्त स्थान मिलते हैं, तो इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। संरक्षण कार्य के पहले चरण में इन पहाड़ियों की तार फेंसिंग की जाएगी। इसके बाद मजदूरों के माध्यम से जगह-जगह छोटे गड्ढे बनाए जाएंगे, जिससे वर्षा का पानी बहने के बजाय जमीन के अंदर समा सके। पूर्व में देवगुराड़िया पहाड़ी पर यह प्रयोग सफल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप वहां अब सालभर हरियाली रहती है और नीचे बने तालाबों में जनवरी तक पानी उपलब्ध रहता है। इसी तरह रालामंडल में भी वन विभाग द्वारा किए गए जो प्रयोग सफल रहे हैं उन्हें इन बंजर पहाड़ियों पर दोहराया जाएगा। रालामंडल को वन विभाग और प्रशासन के अन्य विभाग ‘ऑक्सीजन बॉक्स’ के रूप में विकसित कर रहे हैं। यह इंदौर के पास का सबसे मुख्य ग्रीन जोन होगा। 
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अगले महीने से शुरू होगा गड्ढे खोदने का काम
रेंजर संगीता ठाकुर के अनुसार दतुनी, रणभंवर, रेणुका, असरावद, उमरिया, पालिया, माचल और सांवेर की छोटी पहाड़ियों को हरा-भरा करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। दतुनी में कार्य प्रारंभ हो चुका है, जबकि रेणुका और रणभंवर में तार फेंसिंग कर दी गई है। मई और जून के महीने में पौधरोपण के लिए गड्ढे खोदने का काम शुरू होगा। गर्मी की तेज धूप से मिट्टी का प्राकृतिक उपचार होगा, जिससे पौधों के जीवित रहने और पनपने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।

चोरल वन क्षेत्र में भी होगा बड़े पैमाने पर पौधरोपण
रेंजर सचिन वर्मा ने बताया कि चोरल रेंज लगभग 12 हजार हेक्टेयर में फैली हुई है। यहां के रिक्त वन क्षेत्रों को चिन्हित करने का काम चल रहा है। ग्रीष्मकाल में जमीन का उपचार करने के बाद और पौधों को लगाने से पहले पूरी सुरक्षा के लिए तार फेंसिंग की जाएगी। चोरल का जंगल इंदौर शहर के पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शहर के फेफड़ों की तरह कार्य करता है, इसलिए इस क्षेत्र का संरक्षण प्राथमिकता पर है।
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इंदौर के आसपास की पहाड़ियों पर जारी है अवैध उत्खनन
इंदौर और देवास जिले की पहाड़ियों को खनन से बचाने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है। खनिज विभाग को कई पहाड़ियों पर खनन रोकने का आदेश दिया गया है। हाल ही में देपालपुर, सांवेर और हातोद क्षेत्र की खदानें भी बंद कर दी गई हैं। हालांकि, इन सब प्रयासों के बीच बीते एक-दो वर्षों में फिर भी कई जगह खनन की गतिविधियां तेज हो गई हैं। निर्माणाधीन सड़कों के भराव कार्य के लिए आसपास की पहाड़ियों को अवैध रूप से खोदा जा रहा है।

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