ट्रेन इंदौर से रविवार शाम चार बजे रवाना होगी और उज्जैन, नागदा व रतलाम से कारसेवकों को लेकर झांसी, कानपुर,लखनऊ होते हुए अयोध्या पहुंचेगी। इन कारसेवकों के लिए राम मंदिर में छह फरवरी को सुबह विशेष आरती में शामिल होने की व्यवस्था भी की गई है।
राम मंदिर के लिए कारसेवा करने वालों को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अब अयोध्या ले जा रहा है। डेढ़ हजार कारसेवकों का पहला जत्था रविवार को एक स्पेशल ट्रेन से रवाना होगा। पूरे देश के अलग-अलग 41 प्रांतों से कारसेवक अयोध्या जा रहे हैं।
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बता दें कि वे लोग अयोध्या जा रहे हैं, जिन्होंने 90 के दशक में कारसेवा की थी। इंदौर से रवाना होने वाली ट्रेन 5 फरवरी को अयोध्या पहुंचेगी। कारसेवकों के रुकने की व्यवस्था उत्तर प्रदेश सरकार और विश्व हिंदू परिषद ने की हैै। कारसेवकों को छह फरवरी को दर्शन कराए जाएंगे। अयोध्या यात्रा के लिए रेल मंत्रालय ने विशेष ट्रेन आस्था स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था चार दिन के लिए की है। इस ट्रेन में मालवा प्रांत के 28 जिलों के आरएसएस, विहिप सहित 23 संगठनों के 1450 कारसेवक 4 फरवरी को रवाना होंगे।
ट्रेन इंदौर से रविवार शाम चार बजे रवाना होगी और उज्जैन, नागदा व रतलाम से कारसेवकों को लेकर झांसी, कानपुर, लखनऊ होते हुए अयोध्या पहुंचेगी। इन कारसेवकों के लिए राम मंदिर में छह फरवरी को सुबह विशेष आरती में शामिल होने की व्यवस्था भी की गई है।
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यात्रा प्रभारी गिरधारीलाल कुमावत ने बताया कि अयोध्या जाने वाली ट्रेन की साज सज्जा का जिम्मा सेवा भारती को दिया गया है। रेलवे डीआरएम को भी स्टेशनों पर मंच लगाने के लिए कहा गया है। यात्रा में शामिल कारसेवक रेलगाड़ी में भजन गाते हुए चलेंगे। 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी, तब आमंत्रितों को ही समारोह में शामिल होने का मौका मिला था। ज्यादातर पदाधिकारी व्यवस्था में जुटे थे, लेकिन उनके लिए भी दर्शन की व्यवस्था की जा रही है।