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Indore News: अहिल्या माता का शौर्य और प्रेम, चित्रों में दिखा जीवन का हर रंग

Sun, 02 Feb 2025 05:53 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: छात्रों ने अहिल्या बाई होलकर के जीवन को जनता के बीच लाने का प्रयास किया, डीएवीवी में आयोजित नर्मदा साहित्य मंथन में लगी है पेंटिंग एग्जीबिशन। 
 
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पेंटिंग्स बनाने वाले छात्र। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अहिल्या बाई होलकर के त्याग, शौर्य और कुशल नेतृत्व की कहानियां तो हमने बचपन से सुनी हैं लेकिन आज इन्हीं कहानियों को कुछ युवा कलाकारों ने जीवंत कर दिखाया है। डीएवीवी में आयोजित नर्मदा साहित्य मंथन में लगी इस पेंटिंग एग्जीबिशन में मां अहिल्या के जीवन के उन किस्सों को भी दर्शाया गया है जो कहीं न कहीं छुपे हुए थे और उनके बारे में चर्चा कम ही होती थी। शहर के तीन कालेजों के 25 छात्रों ने यहां पर 25 अलग अलग पेंटिंग्स बनाईं हैं जो उनकी जीवनगाथा को सुनाती हैं। 


बच्चों ने अहिल्या बाई के जीवन को समझा फिर विषय चुने
विश्व संवाद केंद्र के पीयूष शर्मा ने बताया कि पेंटिंग एग्जीबिशन लगाने का विचार आया तो सबसे पहले यह तय करना था कि छात्रों को किस किस विषय पर पेंटिंग बनाने को कहा जाए। हमने सभी छात्रों से कहा कि आप पहले मां अहिल्या के जीवन का अच्छे से अध्य्यन करें फिर खुद उनके जीवन के एक पहलु का चयन करें। इसके बाद किसी ने उनके बचपन, किसी ने उनके विवाह तो किसी ने उनके युद्ध जैसे विषयों का चयन किया। पीयूष शर्मा ने बताया कि यहां पर गर्वनमेंट फाइन आर्ट कालेज, ग्रैफिटी कालेज और क्रिन्सन कालेज के छात्रों ने पेंटिंग्स बनाई है। 
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अपनी पेंटिंग के बारे में जानकारी देती ओजस्वी - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
जीवन के अनछुए किस्सों को जीवंत किया
कई छात्रों ने मां अहिल्या के जीवन के उन किस्सों को भी जीवंत करने का प्रयास किया है जिनके बारे में लोग कम ही जानते हैं। ओजस्वी वानखेड़े ने बताया कि उन्होंने जो पेंटिंग बनाई है वह मां अहिल्या और उनके जीवनसाथी खांडेराव होलकर के बीच के प्रेम को दर्शाती है। ओजस्वी ने बताया कि जब अहिल्या मां की शादी तय हुई तब वे शादी नहीं करना चाहतीं थी, वे अपनी शिक्षा जारी रखना चाहतीं थी। परिस्थिति इस तरह बनी की उन्हें शादी करना पड़ी और उन्हें लगा कि अब उनकी शिक्षा अधूरी छूट जाएगी। शादी के बाद जब वे खांडेराव होलकर के घर गईं तो यह बात उन्होंने खांडेराव होलकर को बताई। इसके बाद खांडेराव होलकर उन्हें खुद पढ़ाने लगे। मां अहिल्या उन्हें कहतीं थी की जब खांडेराव उन्हें पढ़ाते हैं तो उन्हें सब समझ आ जाता है और इसलिए हमेशा वे उन्हीं के साथ पढ़ाई करतीं थी।

इन छात्रों ने बनाई पेंटिंग्स
1. नंदनी चौहान
2. साक्षी मिश्रा
3. दिशा मालवीय
4. मुस्कान गुप्ता
5. भावना विश्वकर्मा
6. ओजस्वी वानखेड़े
7. अनुष्का भटाने
8. दिशा चौकसे
9. उदय जायसवाल
10. प्रेम श्रीवास
11. राहुल साहा
12. कृष्णा लोधी
13. लोकेश आर्य
14. शादाब अहमद समेत अन्य 25 छात्रों ने पेंटिंग्स बनाई है। 
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