अहिल्या बाई होलकर के त्याग, शौर्य और कुशल नेतृत्व की कहानियां तो हमने बचपन से सुनी हैं लेकिन आज इन्हीं कहानियों को कुछ युवा कलाकारों ने जीवंत कर दिखाया है। डीएवीवी में आयोजित नर्मदा साहित्य मंथन में लगी इस पेंटिंग एग्जीबिशन में मां अहिल्या के जीवन के उन किस्सों को भी दर्शाया गया है जो कहीं न कहीं छुपे हुए थे और उनके बारे में चर्चा कम ही होती थी। शहर के तीन कालेजों के 25 छात्रों ने यहां पर 25 अलग अलग पेंटिंग्स बनाईं हैं जो उनकी जीवनगाथा को सुनाती हैं।
बच्चों ने अहिल्या बाई के जीवन को समझा फिर विषय चुने
विश्व संवाद केंद्र के पीयूष शर्मा ने बताया कि पेंटिंग एग्जीबिशन लगाने का विचार आया तो सबसे पहले यह तय करना था कि छात्रों को किस किस विषय पर पेंटिंग बनाने को कहा जाए। हमने सभी छात्रों से कहा कि आप पहले मां अहिल्या के जीवन का अच्छे से अध्य्यन करें फिर खुद उनके जीवन के एक पहलु का चयन करें। इसके बाद किसी ने उनके बचपन, किसी ने उनके विवाह तो किसी ने उनके युद्ध जैसे विषयों का चयन किया। पीयूष शर्मा ने बताया कि यहां पर गर्वनमेंट फाइन आर्ट कालेज, ग्रैफिटी कालेज और क्रिन्सन कालेज के छात्रों ने पेंटिंग्स बनाई है।