पोस्टमार्टम के नाम पर रिश्वत लेने वाले डॉक्टर को लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा है। कल्लीपुरा (झाबुआ) के दिनेश मकवाना ने इंदौर लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय को शिकायत की थी कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कल्याणपुरा के मेडिकल आफिसर डॉ. अर्पित कुमार नायक (29) ने चालीस हजार रुपए की रिश्वत मांगी है।
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डॉक्टर को हो गया था शिकायत का शक
दिनेश के चचेरे भाई रमेश पिता कालूसिंह की 29 अक्टूबर 2024 को पीएम होना था। डूबने से मौत पर चार लाख रुपए की सरकार से मदद मिलती है। डॉक्टर ने कहा कि अगर तुम्हें सरकारी मदद चाहिए तो पीएम में मैं डूबने की बात तभी लिखूंगा जब मुझे पचास हजार रुपए की रिश्वत दोगे। परिवार ने पहले तो उसे मनाया, लेकिन बाद में चालीस हजार रुपए में तोड़ हो गया और उसने कहा था कि मैं पंद्रह दिन बाद पीएम रिपोर्ट दे दूंगा। दोनों के बीच समझौता होने के बाद कल जब फरियादी रिश्वत देने पहुंचा तो डॉक्टर को शंका हो गई थी कि कुछ गड़बड़ है, इसलिए उसने पहले पैसे नहीं लिए। इसी बीच लोकायुक्त की टीम ने आकर उसे पकड़ लिया।
रिकार्डिंग सुनाई तब शांत हुआ डॉक्टर
पकड़ाते ही डॉक्टर ने गुस्सा निकालना शुरू कर दिया और कहा कि तुने मेरे साथ धोखा किया और मुझे मरवा दिया है। मैं बेकसूर हूं जबरन फंसा दिया। अफसरों से वो ये कहने लगा कि मेरा कोई रोल नहीं है लेकिन जब उसकी रिकार्डिंग सुनाई तो वो ठंडा पड़ गया। कार्रवाई के लिए डीएसपी दिनेस पटेल, अनिरुद्ध वागिया, इंस्पेक्टर राहुल गजभिये, हेडसाब प्रमोद यादव, सिपाही पवन पटेरिया, आदित्य भदौरिया, अनिल परमार, चंद्रमोहन विष्ठ और कृष्णा अहिरवार शामिल थे। तीन घंटे की मशक्कत के बाद डॉक्टर गिरफ्त में आ गया।
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जेवर गिरवी रखकर लाया पैसे
घर में युवा लड़के की मौत हो गई थी। परिवार सदमे में था लेकिन डॉक्टर ने पीएम रिपोर्ट के नाम पर पैसे मांग रहा था। रिश्वत देने के लिए पैसे नहीं थे। महिलाओं के जेवर गिरवी रखे।