इंदौर के देवगुराड़िया क्षेत्र के रहवासी क्षेत्र मान सरोवर नगर में गुरुवार को तेंदुए ने दस्तक दी। उसके खौफ से काॅलोनी में अफरा-तफरी मच गई। तेंदुए ने किसी पर हमला नहीं किया। तीन घंटे की मशक्कत के बाद उसे वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइज किया और पूरी तरह बेहोश होने के बाद उसे पिंजरे में चिड़ियाघर ले गए।
एक मकान की छत से गिरने के कारण तेंदुए के पैर में हलकी चोट भी है। तेंदुआ काॅलोनी के पास के रालामंडल अभयारण्य से आया था। होश में आने के बाद उसे फिर सुरक्षित फिर जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
सीढ़ियों पर बैठा था तेंदुआ
तीन बजे रहवासियों ने तेंदुए को देखा। इसके बाद जैसे ही काॅलोनी में तेंदुआ होने की बात फैली तो लोग घर के बाहर निकल आए। तेंदुआ सबसे पहले सेठी परिवार के यहां देखा गया। उनका मकान खाली था और तेंदुआ सीढ़ी पर बैठा दिखाई दिया। काॅलोनी में रहवासियों ने हल्ला मचाया तो मकान से कूदते हुए तेंदुआ एक निर्माणाधिन मकान में घुस गया। तब तक वहां वन विभाग की टीम भी पहुंच गई थी। अफसरों ने मकान के बाहर जाल लगाया। एक टीम ट्रेंकुलाइजर करने वाली गन लेकर मकान के भीतर गई। गन से उसे बेहोश किया। इस बीच तेंदुए ने दो बार भागने की कोशिश की, लेकिन जाल लगा होने के कारण वह भाग नहीं सका। कुछ देर बाद वह बेहोश हो गया। फिर उसे जाल में पकड़ कर कर्मचारी बाहर लाए। फिर उसे पिंजरे में डालकर प्राणी संग्रहालय ले जाया गया।
लड़की ने खिलौना समझा
काॅलोनी में एक किराने की दुकान के पास के मकान की सीढ़ी पर तेंदुआ बैठा था। किराने की दुकान पर एक लड़की आई और दुकानदार मनोज यादव से कहा कि बाहर खिलौना क्यों रखा है।
दुकानदार ने बाहर देखा तो तेंदुए से उसकी नजर मिली। इसके बाद दुकानदार ने दूसरे लोगों को तेंदुआ काॅलोनी में आने की जानकारी दी। लोग लकड़ी-डंडे लेकर बाहर निकले। भीड़ देखकर तेंदुआ इधर-उधर भागने लगा। काॅलोनी की महिला पुष्पा महाजन ने बताया कि मेरे सामने से तेंदुआ निकला और निर्माणाधीन मकान में घुस गया। पहले मुझे लगा कि श्वान गया, लेकिन बाद में पता चला कि घर में तेंदुआ घुसा है तो फिर वह घर के भीतर चली गईं।
पांच एमएल के डोज से तेंदुआ बेहोश
वन विभाग के अधिकारी योहान कटारा ने बताया कि पांच एमएमएल दवाई का डोज देने के बाद तेंदुए को बेहोश होने में दस मिनट लगे। फिर हम जाल डालकर उसे बाहर ले आए। तेंदुए की उम्र दो साल के करीब है और वह ठीक है।