Indore News: 28 साल के नितिन पडियार की आत्महत्या के बाद उसे इंसाफ दिलाने के लिए इंदौर में हजारों लोग इकट्ठा हुए। कई सामाजिक संगठनों ने भी इसमें हिस्सा लिया। 2 घंटे तक सड़कों पर ट्रैफिक जाम रहा।
इंदौर के नितिन पडियार की आत्महत्या के बाद उसे इंसाफ दिलाने की लड़ाई तेज होती जा रही है। गुरुवार को शाम 5 बजे मरीमाता चौराहे पर हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। कई संस्थाओं ने इसमें आव्हान किया और लोगों को इकट्ठा किया। लगभग दो घंटे तक चौराहे के आसपास का पूरा क्षेत्र जाम रहा। लोग नितिन को इंसाफ दिलाने और पत्नी हर्षा शर्मा और उसके परिजन पर केस दर्ज करने के लिए अड़े रहे। पुलिस के आश्वासन के बाद आंदोलन खत्म हुआ।
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पुलिस को मिल जाता है ब्लैकमेलिंग का कारण
संस्था पौरुष के अशोक दशोरा ने बताया कि सभी लोग एक आवाज पर इकट्ठा हुए हैं और खुद आए हैं। आज देश में हजारों लड़के झूठे मुकदमों से परेशान हैं। पुलिस उन्हें ब्लैकमेल करती है और पत्नी और उसके परिजन लड़के को मरने पर मजबूर कर देते हैं। अशोक दशोरा ने कहा कि सरकार के आंकड़ों के मुताबिक लाखों लड़के इस तरह के मामलों में आत्महत्या कर चुके हैं और यह आंकड़ा तेजी से बढ़ता ही जा रहा है।
80 प्रतिशत मामले काउंसलिंग से सुलझ सकते हैं
प्रदर्शन में शामिल हुए उज्जवल स्वामी ने कहा कि 80 प्रतिशत मामले काउंसलिंग से ही सुलझ सकते हैं। छोटी छोटी बातों में झगड़े होते हैं और एक बार थाने और कोर्ट जाने के बाद मनमुटाव बढ़ते ही जाते हैं। उन्होंने कहा कि पारिवारिक मामलों को जितना जल्दी और आपसी सहमति से सुलझाया जा सके वही बेहतर है। अधिकतर मामलों में लोगों को कोई अच्छा मध्यस्त नहीं मिलता जिसके कारण रिश्ते टूट जाते हैं।