इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। शिकायतकर्ता सूर्यकांत सोनोने, निवासी पंचमूर्ति नगर ने बताया कि नलिया बाखल क्षेत्र में स्थित अपने गोदाम के लिए उन्होंने 10 किलोवॉट के बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन दिया था। इसके लिए उन्होंने निर्धारित शुल्क 40 हजार रुपए भी जमा करा दिए थे। गोदाम में स्टीम मशीन का व्यवसाय शुरू करने हेतु कनेक्शन की आवश्यकता थी।
जूनियर इंजीनियर ने मांगी थी रिश्वत
शिकायत के अनुसार, बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर शैलेंद्र पाटकर ने बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए 10 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। इस पर सूर्यकांत ने लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय को पूरी जानकारी दी और आरोपी इंजीनियर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त ने तुरंत कार्रवाई का निर्णय लिया।
लोकायुक्त टीम ने रची योजना, इंजीनियर रंगेहाथ गिरफ्तार
लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया जिसने गुरुवार को योजना बनाकर इंजीनियर पाटकर को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
कार्रवाई में लोकायुक्त की विशेष टीम रही सक्रिय
इस कार्रवाई में लोकायुक्त निरीक्षक रेनू अग्रवाल, निरीक्षक सचिन पटेरिया, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक आशीष आर्य, आरक्षक चेतन परिहार, आरक्षक राकेश मिश्रा और आरक्षक कमलेश परिहार शामिल रहे। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया और रिश्वतखोर इंजीनियर को रंगेहाथ पकड़कर भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और कड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।