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Indore News: विश्व मंच पर भारत का उदय, इंदौर में अंतर्राष्ट्रीय प्रबंधन सम्मेलन में हुई बड़ी घोषणाएं

Fri, 21 Feb 2025 10:07 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन ने 32वें अंतर्राष्ट्रीय प्रबंधन सम्मेलन 2025 का आयोजन किया, जिसमें व्यापार, वित्त, नेतृत्व और वैश्विक विकास पर गहन चर्चा हुई। उद्योग जगत के दिग्गजों ने भविष्य की रणनीतियों पर विचार साझा किए।  
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कार्यक्रम को संबोधित करते स्वामी महेश योगी - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन ने 32वें अंतर्राष्ट्रीय प्रबंधन सम्मेलन 2025 का उद्घाटन ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, इंदौर में किया, जिसमें 3,000 से अधिक उद्योग जगत के अग्रणी, उद्यमी, नीति निर्धारक, अर्थशास्त्री, अकादमिक और छात्र एकत्र हुए। इस सम्मेलन में व्यापारिक विकास, वित्तीय उन्नति, नेतृत्व रणनीतियों और भारत की वैश्विक आकांक्षाओं पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। इस वर्ष का विषय "उद्यामेना ही सिद्ध्यंती" (स्ट्राइव, ड्राइव और थ्राइव) था, जिसे डॉ. संदीप आत्रे ने विस्तार से समझाया और वर्तमान व्यापारिक परिवेश में प्रयास और उपलब्धि की महत्ता पर प्रकाश डाला। सम्मेलन की शुरुआत आध्यात्मिक और शास्त्रीय छवि के साथ हुई, जिसमें सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन किया गया।  
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2047 तक सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा भारत
आईआईएम इंदौर के निदेशक और इंदौर प्रबंधन संघ के अध्यक्ष डॉ. हिमांशु राय ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए भारत के उज्जवल भविष्य पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है, जिसे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और उच्च कुशल कार्यबल द्वारा संचालित किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि भारत को अस्थिरता, अप्रत्याशितता, गैर-रेखीयता और अप्रत्यक्षता (BANI विश्व) जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन उन्होंने व्यक्तिगत और व्यावसायिक सफलता में कठिन कार्य की महत्ता पर जोर दिया।  

कठिनाइयों के बीच अवसरों को पहचानो
प्रसिद्ध सर्जन सी. पलानी वेलू ने संघर्ष, आत्मप्रेरणा और अवसरों की महत्ता को रेखांकित करते हुए बताया कि उन्होंने कठिनाइयों के बावजूद अवसरों को पहचाना और 40 वर्ष की आयु में चिकित्सा अध्ययन शुरू कर सर्जन बने। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने मूल्यों को न भूलें और अवसरों को स्वीकार करें, न कि भाग्य पर निर्भर रहें। उनका संदेश था कि जीवन को सरल, दृढ़ और संतुलित रखना चाहिए।
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योग से समृद्धि के रास्ते खुलते हैं
योग गुरु स्वामी डॉ. महेश योगी, जिन्होंने 1.51 करोड़ कपालभाति करने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है, उन्होंने योग, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य और चरित्र के बीच संबंध को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि योग अनुशासन और शक्ति प्रदान करता है और देश की आर्थिक प्रगति को नागरिकों के स्वास्थ्य और नैतिक मूल्यों से जोड़ा। उन्होंने युवाओं को योग, मेहनत और मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया ताकि वे एक संतुलित, उत्पादक और समृद्ध जीवन जी सकें।  

एसबीआई (भोपाल सर्कल) के सीजीएम चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि किसी भी संगठन को सफल बनाने के लिए टीमवर्क और समन्वय आवश्यक है। उन्होंने लोगों को अपनी आकांक्षाओं पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि सफलता समर्पण, दृढ़ता और रणनीतिक क्रियान्वयन से आती है। उन्होंने सीपीआर—सततता, उत्पादकता और लचीलापन को दीर्घकालिक विकास की नींव बताया। राजेश डोगरा ने भारत की कार्य प्रणाली की तुलना यूएस से करते हुए भारत को श्रेष्ठ बताया और पासपोर्ट सेवाओं एवं एयर इंडिया पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने एयर इंडिया की सफलता को 1.4 बिलियन भारतीयों के लिए गर्व का विषय बताया और इसे नई नौकरियों के अवसरों का स्रोत माना। उन्होंने 'विहान' परिवर्तन योजना को एयर इंडिया के पुनरुत्थान की दिशा में एक बड़ा कदम बताया और सेवा सुधार के लिए आधुनिकरण, विस्तार, सतही कवरेज और नई आईटी प्रणाली को महत्वपूर्ण बताया। उनका मानना था कि ग्राहक अनुभव में सुधार व्यापार की वृद्धि को चार गुना तक बढ़ा सकता है।  

विकास लोहिया ने कहा कि मॉडल शॉप एंड एस्टैब्लिशमेंट एक्ट को लागू करने से भारत में रिटेल सेक्टर का आधुनिकीकरण होगा और व्यवसाय करने में आसानी होगी। उन्होंने मल्टी-ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) से जुड़े नियमों पर सावधानीपूर्वक विचार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सेवा क्षेत्र को रोजगार और आर्थिक विकास का प्रमुख कारक बताया और नेतृत्व एवं वित्तीय स्थिरता के लिए कर्ज और इक्विटी के संतुलन को बनाए रखने की जरूरत पर बल दिया।  

डॉ. नितिन मामोडिया ने उद्योगों में तकनीक के परिवर्तनकारी प्रभाव को उजागर करते हुए कहा कि यह परंपराओं को चुनौती देता है और नवाचार को प्रेरित करता है। उन्होंने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को आर्थिक और तकनीकी विकास का महत्वपूर्ण कारक बताया और कहा कि रैपिड कॉमर्स और डिजिटल परिवर्तन भविष्य के लिए आवश्यक हैं। मुस्कान कक्कड़ ने कहा कि किसी समस्या को पहचानना उनके लिए निर्णायक क्षण था, जिससे उन्हें उद्देश्य की स्पष्टता मिली। उन्होंने ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने और व्यापार की वृद्धि सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता खरीदारी व्यवहार में परिलक्षित होती है और इलेक्ट्रिक एवं हाइब्रिड वाहन भविष्य का परिवहन होंगे।  

होमलेन के सीईओ श्रीकांत अय्यर ने कहा कि प्रभावी नेतृत्व आवश्यक है, जिसमें नेताओं को अपने ऑपरेशन्स में सक्रिय रूप से शामिल होना चाहिए। उन्होंने कुशल टीम, पूंजी और कर्ज के संतुलन को बनाए रखने तथा तकनीकी परिवर्तनों को अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। गुलबहार तौरानी ने सफलता के चार प्रमुख सिद्धांत साझा किए: स्पष्टता के लिए निरंतर प्रश्न करना, प्रासंगिक बने रहना, जीवन में उद्देश्य निर्धारित करना और उस उद्देश्य को स्पष्ट रूप से संप्रेषित करना।  

ज्ञानवत्सल स्वामी ने कहा कि केवल सपने देखना पर्याप्त नहीं है, सपनों को साकार करने के लिए कार्य आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वास्तविक वृद्धि दूसरों की मदद करने से आती है और साहसिक कदम, स्पष्ट दृष्टि एवं मजबूत मूल्य सफलता की कुंजी होते हैं।
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