शहर के प्रख्यात उद्योगपति और समाजसेवी विनोद अग्रवाल को एक बार फिर देश के शीर्ष परोपकारियों में स्थान मिला है। एडलगिव हुरून इंडिया फाउंडेशन द्वारा गुरुवार को जारी शीर्ष दानदाताओं की सूची में उन्हें 71वां स्थान दिया गया है। इस वर्ष की सूची में देशभर के 185 प्रमुख परोपकारियों को शामिल किया गया है।
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19 करोड़ से अधिक का योगदान
वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान, विनोद अग्रवाल ने समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान के लिए लगभग ₹19 करोड़ का महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका यह योगदान मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, पशु कल्याण, भूख-गरीबी उन्मूलन, कला-संस्कृति और सामाजिक विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रहा है। यह लगातार पांचवां वर्ष है जब हुरून इंडिया फाउंडेशन ने अग्रवाल के परोपकारी कार्यों और समाज निर्माण के प्रति उनके समर्पण को सम्मानित किया है।
लगातार 5 वर्षों से सूची में
उद्योगपति विनोद अग्रवाल पिछले चार वर्षों से मध्य प्रदेश के सबसे अग्रणी परोपकारी उद्योगपति बने हुए हैं। इससे पहले वे देश के शीर्ष दानदाताओं की सूची में 58वें स्थान पर थे, उस समय सूची में 119 उद्योगपतियों के नाम थे। उनके पिछले योगदानों पर नजर डालें तो:
2023-24: 20 करोड़ रुपए का दान
2023: 34 करोड़ रुपए (31वां स्थान)
2022: 30 करोड़ रुपए (34वां स्थान)
2021: 11 करोड़ रुपए (66वां स्थान)
फाउंडेशन के जरिए समाजसेवा
विनोद अग्रवाल 'बालाजी सेवार्थ विनोद अग्रवाल फाउंडेशन' के मैनेजिंग ट्रस्टी हैं। उनकी संस्था द्वारा कई बड़ी परोपकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें उज्जैन में चमेली देवी अग्रवाल अन्नक्षेत्र, इंदौर में चमेली देवी अग्रवाल मेडिकल सेंटर व योग केंद्र, और सालासर में चमेली देवी अग्रवाल मांगलिक भवन का संचालन प्रमुख है।
"मानवता की सेवा ही सार्थक": अग्रवाल
इस सम्मान पर उद्योगपति विनोद अग्रवाल ने कहा, "जब कोई व्यक्ति परोपकार से किसी परिवार या समुदाय के जीवन में बदलाव लाता है, तो उस परिवार और विशेषकर बच्चों में संस्कार, कृतज्ञता और उत्तरदायित्व की भावना जन्म लेती है। यही एक सच्चे उद्योगपति की वास्तविक संतुष्टि है।" उन्होंने कहा कि व्यवसाय तभी फलता-फूलता है जब उससे जुड़े सभी लोग साथ बढ़ें। लाभ तभी सार्थक बनता है जब वह मानवता की सेवा में समर्पित हो।