Indore News: गर्मी के मौसम में पानी की कमी से निपटने के लिए नगर निगम ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इस बार, जलसंकट वाले इलाकों में नए हाईड्रेट्स लगाए जा रहे हैं, पुराने जलस्रोतों की सफाई की जा रही है, और पंपों की क्षमता बढ़ाई जा रही है।
गर्मी के मौसम में पानी की कमी एक बड़ी समस्या बन जाती है, जिससे लोगों को टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति करनी पड़ती है। इस साल नगर निगम ने इस समस्या से निपटने के लिए पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। जलूद क्षेत्र में पंपों और मशीनों की मरम्मत की जा रही है, साथ ही वार्डों में स्थित जलस्रोतों को चिह्नित किया जा रहा है ताकि स्थानीय जलस्रोतों से पानी की आपूर्ति की जा सके। जलकार्य और सीवरेज विभाग के प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू ने बताया कि गर्मियों में अतिरिक्त पानी की व्यवस्था करना जरूरी हो जाता है, क्योंकि कुछ इलाकों में वाटर लेवल तेजी से नीचे गिर जाता है और बोरिंग बंद हो जाते हैं, जिससे टैंकरों से पानी की आपूर्ति करनी पड़ती है।
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स्थानीय जलस्रोतों से आपूर्ति की योजना
इस बार महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जलसंकट वाले सभी वार्डों में नए हाईड्रेट बनाने का निर्णय लिया है, ताकि वार्ड के टैंकरों से सीधे वहीं से पानी भरकर सप्लाई की जा सके। इससे टैंकरों को दूर-दूर नहीं जाना पड़ेगा, और ज्यादा ट्रिप लगाकर कम समय में अधिक पानी की आपूर्ति की जा सकेगी। शर्मा ने बताया कि पुराने कुएं और बावड़ियों को चिह्नित कर उनकी सफाई की जा रही है और पानी की टेस्टिंग कराई जा रही है। टेस्टिंग में जो पानी पीने योग्य या इस्तेमाल के लिए उचित होगा, वहां हाईड्रेट बनाए जाएंगे।
जलूद में पंपों और मशीनों की कैपेसिटी बढ़ाई जा रही है
जलकार्य प्रभारी ने बताया कि पिछले साल जिन कॉलोनियों में पानी की कमी या गंदा पानी आ रहा था, उन्हें चिह्नित किया गया है। इन क्षेत्रों में 60 नई लाइनों का निर्माण और पुरानी लाइनों का प्रतिस्थापन कर सप्लाई एरिया को बढ़ाया गया है। जलूद क्षेत्र में पंप और मशीनों की क्षमता बढ़ाने के लिए 24 घंटे काम किया जा रहा है। पंपों और मशीनों की सर्विसिंग, रिपेयरिंग और कैपेसिटी बढ़ाने से 5 से 10 एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलेगा, जिससे गर्मी में राहत मिल सकेगी। 22 करोड़ की लागत से नई लाइनों का काम भी चल रहा है, और उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल के अंत तक पानी की आपूर्ति बेहतर हो सकेगी।
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निगम और प्राइवेट टैंकरों के जरिए सप्लाई
शर्मा ने बताया कि नगर निगम के पास 86 टैंकर हैं, जो हर साल पानी की आपूर्ति के लिए काम करते हैं, इसके अलावा 200 प्राइवेट टैंकर भी हैं। इस बार 45 वार्डों को चिह्नित कर नए हाईड्रेट बनाए जा रहे हैं और क्लोरीनेटर लगाए जा रहे हैं, ताकि पानी साफ होकर ही लोगों तक पहुंचे। इन कामों से गर्मी में पानी की समस्या में काफी कमी आएगी और लोगों को बेहतर पानी की आपूर्ति मिल सकेगी।