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Indore News: डॉ. नीरजा माधव और शिवकुमार विवेक को मिला हिन्दी गौरव अलंकरण 2025

Sat, 22 Mar 2025 10:42 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: हिन्दी भाषा के उत्थान के लिए 'मातृभाषा उन्नयन संस्थान' द्वारा आयोजित हिन्दी गौरव अलंकरण समारोह 2025 में 5 कवियों निधि गुप्ता ‘कशिश’, अपूर्व माधव झा, सौरभ जैन ‘भयंकर’, प्रवीण अत्रे, और पंकज प्रजापत को काव्य गौरव अलंकरण प्रदान किया गया। 
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हिन्दी गौरव अलंकरण प्रदान करते अतिथि। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. नीरजा माधव व शिवकुमार विवेक को हिन्दी गौरव अलंकरण 2025 से नवाजा गया।  इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम में पुणे की निधि गुप्ता ‘कशिश’, धौलपुर के अपूर्व माधव झा, चंदेरी के सौरभ जैन ‘भयंकर’, रतलाम के प्रवीण अत्रे और गौतमपुरा के पंकज प्रजापत को काव्य गौरव अलंकरण प्रदान किया गया। 

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ये सम्मान हिंदी भाषा के विस्तार के लिए लगातार कार्यरत ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ द्वारा शनिवार को प्रेस क्लब के राजेंद्र माथुर सभागार में प्रदान किए गए। समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय जन संचार संस्थान, नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी थे। अध्यक्षता इंदौर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अरविंद तिवारी ने की। 

मुख्य अतिथि डॉ. संजय द्विवेदी ने कहा कि 'भाषा और भारतीयता की चिंता आवश्यक है, राष्ट्रीयता कम हुई तो आदर के मानबिंदुओं के साथ दुर्व्यवहार होगा।’ अपने सम्मान के प्रत्युत्तर में नीरजा माधव ने कहा कि यह हिंदी को कटघरे से वापस निकालने का समय है। राष्ट्रीयता की भावना का सागर हिलोरे लेने लगेगा, तब ही भाषाई विरोध के तटबंध टूट जाएंगे। हिंदी को किश्तों में लागू करने की भूल रही, इससे हिंदी का नुकसान हुआ। भारतीय भाषाओं के लिए सर्वमान्य लिपि देवनागरी हो, तब सभी भाषाओं में साम्य स्थापित होगा।'
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शिवकुमार विवेक ने कहा कि 'हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में समाचार पत्रों की अहम भूमिका रही है। भाषा की मर्यादा और शालीनता समाचार पत्रों ने सिखाई है। समाचार पत्रों ने ही भाषा का बाज़ार तैयार किया। अध्यक्ष अरविंद तिवारी ने कहा कि भाषाई एकता की मजबूत इकाई है मातृभाषा उन्नयन संस्थान।'

आयोजन में साहित्यकार सुषमा व्यास ‘राजनिधि’ के कहानी संग्रह तीसरे कदम की आहट का लोकार्पण भी हुआ। इस अवसर पर बेनी माधो, सूर्यकांत नागर, नर्मदाप्रसाद उपाध्याय, पुरुषोत्तम दुबे, योगेंद्रनाथ शुक्ल, सुरेश तिवारी, स्वाति तिवारी, दीपक कर्दम, जय सिंह रघुवंशी, संजय त्रिपाठी, संध्या रॉय चौधरी, डॉ. सुनीता फड़नीस, दीपक विभाकर नाइक, शिशिर उपाध्याय आदि मौजूद रहे।

अतिथियों का स्वागत शैलेश पाठक, नीतेश गुप्ता, डॉ. नीना जोशी, जलज व्यास, पारस बिरला, ईश्वर शर्मा, अर्जुन रिछारिया, मणिमाला शर्मा ने किया। स्वागत उद्बोधन डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' ने दिया एवं संचालन डॉ. अखिलेश राव ने किया। अभिनंदन पत्र वाचन विनीता तिवारी व रमेश चंद्र शर्मा ने किया।

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