इंदौर नगर निगम अब अपने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नजर रखने के लिए तकनीक का उपयोग करने जा रहा है। इसके तहत एक विशेष मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा, जिससे अधिकारियों की रियल-टाइम लोकेशन निगम के सिस्टम में दर्ज होगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों को और अधिक प्रभावी बनाना है। फिलहाल नगर निगम के अधिकारी अलग-अलग क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं, और उन्हें सुबह जल्दी अपने निर्धारित क्षेत्रों का दौरा करने की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ अधिकारी भ्रमण के दौरान गलत लोकेशन रिपोर्ट कर रहे थे। वे मोटोरोला सेट के माध्यम से अपनी उपस्थिति एक स्थान पर दिखाते थे, जबकि वास्तव में किसी अन्य स्थान पर होते थे। इस समस्या को समाप्त करने के लिए अब निगम ने नई तकनीक अपनाने का फैसला किया है।
सुबह कब काम पर निकले पता चल जाएगा
नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने बताया कि निगम ने मोटोरोला सेट प्रदान करने वाली कंपनी के साथ एक नया एग्रीमेंट किया है, जिसके तहत निगम अधिकारियों के मोबाइल में इस कंपनी का विशेष ऐप डाउनलोड कराया जाएगा। यह ऐप अधिकारी की वास्तविक लोकेशन को रियल-टाइम में ट्रैक करेगा और नगर निगम के सिस्टम में दर्ज करेगा। इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि अधिकारी सुबह कितने बजे दौरे के लिए निकले और किस क्षेत्र में कब पहुंचे।
20 लाख रुपए में बनेगा यह सिस्टम
इस सिस्टम के विकास पर नगर निगम द्वारा 20 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं, और इसे जल्द ही लागू करने की योजना बनाई गई है। निगम के अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बताया कि इस नए सिस्टम में जब कोई अधिकारी अपनी लोकेशन रिपोर्ट करेगा, तो वह जानकारी ऑटोमैटिक रूप से वायरलेस सेट पर भी सभी को सुनाई देगी। इससे निगरानी की दोहरी व्यवस्था लागू होगी और स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।