उल्टे पांव लौटे निगम अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
पारंपरिक दुकानों को लगने देंगे
गौरतलब है कि सराफा में लगने वाली खाने-पीने की दुकानों को लेकर मंगलवार रात एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाने वाली थी। बाद में यह बैठक किसी कारणवश नहीं हो सकी। हालांकि नगर निगम और सराफा व्यापारी एसोसिएशन ने यह तय किया कि सराफा चौपाटी पर अब केवल पुरानी और परम्परागत 80 दुकानों को ही संचालन की अनुमति दी जाएगी। पिछले कुछ समय से यहां बड़ी संख्या में नई दुकानें लगनी शुरू हो गई थीं, जिनके कारण व्यवस्था बिगड़ रही थी। प्रशासन ने भी पहले कई बार यह स्पष्ट किया है कि सराफा अपनी पारंपरिक मिठाइयों और व्यंजनों के लिए जाना जाता है, इसलिए इसकी मूल पहचान को बनाए रखना जरूरी है।
यह भी पढ़ें...
Indore: सीएम मोहन यादव बोले- नेहरू-गांधी परिवार ने देश के महापुरुषों को भुलाने का काम योजनाबद्ध तरीके से किया
मोमोज और चाइनीज दुकानों पर प्रतिबंध
बैठक में चर्चा हुई कि सराफा में हाल ही में मोमोज और चाइनीज आइटम बेचने वाली कई नई दुकानें खुल गई हैं। इनके कारण वहां भीड़ का दबाव बढ़ा है और स्थिति बिगड़ी है। अब तय किया गया है कि जिन 80 दुकानों को चिन्हित किया गया है, उनके अलावा बाकी सभी अनधिकृत दुकानों, ठेलों और खोमचों को हटाया जाएगा।
आज रात से शुरू होगी निगम की कार्रवाई
इस निर्णय को सख्ती से लागू करने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली और मंगलवार रात से ही क्षेत्र में मुनादी (अनाउंसमेंट) करवाकर दुकानदारों को चेतावनी दे दी गई। आज बुधवार रात में नगर निगम की टीम सराफा पहुंची तो अवैध दुकानों को नहीं हटा पाई।
नियमों का पालन और स्वच्छता अनिवार्य
नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया ने बताया कि सराफा चौपाटी का संचालन अब तय समय पर ही शुरू होगा। इसके अलावा, जिन 80 दुकानदारों को अनुमति मिली है, उन्हें स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना होगा। निगम ने सुरक्षा व्यवस्था से लेकर सफाई तक के लिए कुछ बिंदु तय किए हैं, जिनका पालन करना सभी व्यापारियों के लिए अनिवार्य होगा।