फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिंहस्थ 2028: IIT का मास्टरप्लान, 3D प्रिंटिंग वाले हाई-टेक टॉयलेट, दिव्यांगों बुजुर्गों के लिए रैंप

Wed, 08 Oct 2025 08:26 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

उज्जैन में होने वाले कुंभ में तकनीक का महामेला लगेगा। इंदौर IIT की कई टेक्नोलॉजी कुंभ में करोड़ों भक्तों को सुविधाएं देगी। कुंभ में दुनिया भारत का तकनीक दम देखेगी। सौर ऊर्जा, बायोगैस, स्मार्ट शौचालय और 3D प्रिंटिंग पर आईआईटी ने अपनी योजना बताई है। 
विज्ञापन
1 of 2
सिंहस्थ में आईआईटी के इनोवेशन से मिलेगी बड़ी मदद। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
उज्जैन में साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए तैयारियां जोर शोर से शुरू हो चुकी हैं। सरकार और प्रशासन के साथ कई संस्थाएं इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रही हैं और अपना योगदान देने के लिए योजना बना रही हैं। इसी कड़ी में अब एक प्रमुख नाम आईआईटी इंदौर का जुड़ गया है। कुंभ को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर ने कमर कस ली है। आईआईटी की स्मार्ट तकनीक, विशेषकर स्वच्छता प्रबंधन से कुंभ के मेले की तस्वीर बदली जाएगी। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के सहयोग से आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला में आईआईटी ने ऐसे ही स्मार्ट और 3डी प्रिंटेड टॉयलेट्स का खाका प्रस्तुत किया है। यह न केवल स्वच्छ होंगे, बल्कि ऊर्जा कुशल और सभी के लिए सुलभ भी होंगे।

गंदा होते ही टॉयलेट बोलेगा 'मुझे साफ करो'
आईआईटी इंदौर में आयोजित 'मोबाइल टॉयलेट मैनेजमेंट' कार्यशाला का मुख्य आकर्षण 'टीईईएस फ्रेमवर्क' रहा। आईआईटी के सहायक प्रोफेसर डॉ. आशुतोष मंडपे ने बताया कि यह फ्रेमवर्क चार स्तंभों - टेक्निकल, इकोनॉमिक, इन्वायरन्मेंटल और सोशल पर आधारित है। इसके तहत सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों के लिए ऐसे मोबाइल टॉयलेट डिजाइन किए जाएंगे जिनमें सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइटें, गंदगी होने पर ऑटोमेटिक 'स्मार्ट सफाई अलर्ट सिस्टम' और कचरे से बायोगैस बनाने वाली इकाइयां लगी होंगी। इसके अलावा, दिव्यांगों और बुजुर्गों की सुविधा के लिए इनमें रैंप और यूनिवर्सल एक्सेस की व्यवस्था भी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

2 of 2
विशेषज्ञों ने दिए प्रजेंटेशन। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
यह भी पढ़ें...
Indore: इंदौर में ग्रीन फील्ड काॅरिडोर का विरोध, सैकड़ों किसान ट्रैक्टर लेकर आए इंदौर

सिंहस्थ में भारत के नवाचार वैश्विक स्तर पर पहचान बनाएंगे
आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने सिंगापुर की एनटीयू यूनिवर्सिटी के 3डी प्रिंटेड टॉयलेट प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे नवाचार भारत में सार्वजनिक स्वच्छता को वैश्विक स्तर पर स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "स्वच्छता केवल ढांचागत सुविधा नहीं, बल्कि यह मानव गरिमा और सतत विकास का प्रतीक है।" प्रो. जोशी ने आश्वासन दिया कि आईआईटी इंदौर सिंहस्थ 2028 को सफल बनाने के लिए हरसंभव तकनीकी सहयोग देने के लिए तैयार है। इसमें होने वाले नवाचार पूरी दुनिया में पहचान बनाएंगे। 

करोड़ों भक्त आएंगे, विशेषज्ञ बोले नवीकरणीय ऊर्जा पर हो फोकस
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में आईआईएम इंदौर, सीएसआईआर, जल शक्ति मंत्रालय समेत विभिन्न संस्थानों के 80 से अधिक विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि सिंहस्थ में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए तेजी से तैनात किए जा सकने वाले और नवीकरणीय ऊर्जा से चलने वाले स्वच्छता मॉडल अपनाए जाएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें