विशेषज्ञों ने दिए प्रजेंटेशन।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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सिंहस्थ में भारत के नवाचार वैश्विक स्तर पर पहचान बनाएंगे
आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने सिंगापुर की एनटीयू यूनिवर्सिटी के 3डी प्रिंटेड टॉयलेट प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे नवाचार भारत में सार्वजनिक स्वच्छता को वैश्विक स्तर पर स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "स्वच्छता केवल ढांचागत सुविधा नहीं, बल्कि यह मानव गरिमा और सतत विकास का प्रतीक है।" प्रो. जोशी ने आश्वासन दिया कि आईआईटी इंदौर सिंहस्थ 2028 को सफल बनाने के लिए हरसंभव तकनीकी सहयोग देने के लिए तैयार है। इसमें होने वाले नवाचार पूरी दुनिया में पहचान बनाएंगे।
करोड़ों भक्त आएंगे, विशेषज्ञ बोले नवीकरणीय ऊर्जा पर हो फोकस
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में आईआईएम इंदौर, सीएसआईआर, जल शक्ति मंत्रालय समेत विभिन्न संस्थानों के 80 से अधिक विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि सिंहस्थ में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए तेजी से तैनात किए जा सकने वाले और नवीकरणीय ऊर्जा से चलने वाले स्वच्छता मॉडल अपनाए जाएं।