कुष्ण आश्रम में जरूरत होने पर कृष्णा गुरुजी ने नया फ्रिज भेंट किया।
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समाजसेवा और धार्मिक आस्था को जोड़ते हुए बुधवार को शहर में एक अनोखा आयोजन हुआ। "अन्धन को आंख देत, कोड़न को काया" मुहिम के तहत गणेश चतुर्थी पर कुष्ठ रोगियों के बीच गणेश स्थापना की गई। यह कार्यक्रम डॉक्टर कॉलोनी स्थित कुष्ठ सेवा सदन में आयोजित हुआ, जहां अंतरराष्ट्रीय आध्यात्मिक गुरु कृष्णा गुरुजी के सानिध्य में गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-पाठ और आरती संपन्न की गई।
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कार्यक्रम का यह सातवां वर्ष था, जिसमें गणेश आरती को मानव सेवा से जोड़ने की परंपरा निभाई गई। इस अवसर पर विघ्नहर्ता 2025 के प्रथम सम्मान से जसंता बाई को नवाजा गया। जसंता बाई स्वयं कुष्ठ रोग से पीड़ित हैं, लेकिन इसके बावजूद वर्षों से आश्रम में रहकर अन्य रोगियों की सेवा और देखभाल करती आ रही हैं। उनकी निस्वार्थ सेवा भावना को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया। कुष्ठ रोगियों की आवश्यकता को देखते हुए इस अवसर पर एक नई सौगात भी दी गई। आश्रम का पुराना फ्रिज खराब हो जाने के कारण दवाओं और सब्जियों को सुरक्षित रखने में समस्या आ रही थी। इस मौके पर कृष्णा गुरुजी सोशल वेलफेयर सोसाइटी की ओर से रोगियों के लिए नया फ्रिज भेंट किया गया।
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आरती गान के बाद कृष्णा गुरुजी ने कहा, “गणेश आरती स्वयं संदेश देती है कि अंधों को नेत्र और पीड़ितों को सहारा देना ही सच्ची आराधना है। समाज का हर व्यक्ति अपने स्तर पर सेवा कार्य से किसी के जीवन की बाधाएं दूर करे, यही विघ्नहर्ता की वास्तविक पूजा है।” उन्होंने घोषणा की कि आगामी दिनों में भी सेवा कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। कुष्ठ आश्रम में सेवा कार्य करने वाले लोगों को प्रतिदिन उनके घर जाकर सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर सोसाइटी के सदस्य अनिल कुमार, ज्योति दवे, पिंकू यादव सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।