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Indore News: इंदौर के होटलों में सुरक्षा पर बड़ा सवाल! 200 एक्सपर्ट्स ने दी ये 'गंभीर' चेतावनी

Sat, 08 Nov 2025 10:04 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: कार्यक्रम में 200 से अधिक विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया और होटलों में NBC 2016 मानकों के अनिवार्य पालन, नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट और एकीकृत सुरक्षा प्रणालियों की आवश्यकता पर बल दिया गया।
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इंदौर में जुटे देश के दिग्गज - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
तेजी से विस्तार कर रहे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, फायर एंड सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया, इंदौर चैप्टर द्वारा “सेफ्टी एंड सिक्योरिटी इन द हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री” थीम पर इंडिया फायर एंड सिक्योरिटी यात्रा 2025 का आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय आयोजन में 200 से अधिक विशेषज्ञों आर्किटेक्ट्स, कंसल्टेंट्स, कॉन्ट्रैक्टर्स, होटल फैसिलिटी मैनेजर्स और सरकारी अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य हॉस्पिटैलिटी प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों, अनुपालन प्रक्रियाओं और एकीकृत सुरक्षा प्रणालियों के कार्यान्वयन को सुदृढ़ करना था। 2016 से हर वर्ष आयोजित हो रही इंडिया फायर एंड सिक्योरिटी यात्रा अब एक महत्वपूर्ण ज्ञान-साझा मंच बन चुकी है, जो भारत के निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा को आकार देने वाले नए रुझानों, तकनीकों और विनियमों पर संवाद को प्रोत्साहित करती है।

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अपर आयुक्त बोले एनबीसी 2016 के मानकों का पालन करना अनिवार्य 
मुख्य अतिथि रोहित सिसोनिया, आईएएस (अपर आयुक्त, इंदौर) ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि “सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी भवनों को एनबीसी 2016 के मानकों का पालन करना अनिवार्य है। ये मानक न्यूनतम आवश्यकताएं हैं, और फायर कंसल्टेंट्स को भवन की वास्तविक फायर लोड के आधार पर सिस्टम डिजाइन करने चाहिए।” उन्होंने फायर एंड सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FSAI) के द्वारा अग्नि और जीवन सुरक्षा के क्षेत्र में जागरूकता एवं प्रोफेशनल प्रथाओं को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।
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पैनल डिस्कशन में श्रोता - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
श्रीनिवास वेल्लोरि, नेशनल प्रेसिडेंट, फायर एंड सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कहा, “फायर एंड सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया, इंडिया फायर एंड सिक्योरिटी यात्रा के माध्यम से डिजाइन, इंजीनियरिंग और ऑपरेशन्स को जिम्मेदारी की संस्कृति से जोड़ने का सेतु बना रहा है। इस मंच पर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट्स (PMCs), कॉन्ट्रैक्टर्स और विशेषज्ञों ने फायर सेफ्टी स्टैंडर्ड्स और अनुपालन पर विस्तार से चर्चा की। सेमिनार में एकीकृत गवर्नेंस के महत्व पर भी बल दिया गया। पहले भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में फायर डिपार्टमेंट स्वतंत्र रूप से कार्य करते थे, लेकिन अब वे नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधीन हैं जिससे समन्वय और निगरानी बेहतर हुई है। बीते फायर हादसों के बाद फायर एंड सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने फायर सेफ्टी सुरक्षा इंडेक्स भी लागू किया, जिससे प्रमाणित विशेषज्ञ फायर सेफ्टी स्टैंडर्ड्स का आकलन और निगरानी कर सकें।”

जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए फायर सेफ्टी ऑडिट जरूरी
फायर एंड सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FSAI) इंदौर चैप्टर के अध्यक्ष मयंका दाडू ने जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए होटलों एवं अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) 2016 के अनुरूप प्रत्येक 2-3 वर्ष में फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के लिए प्रेरित किया गया ताकि निरंतर सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों के लिए तत्परता सुनिश्चित की जा सके। NBC भवन निर्माण और डिजाइन से जुड़े सुरक्षा दिशा-निर्देशों का व्यापक ढांचा प्रदान करता है।

एक पैनल डिस्कशन “सेफ्टी एंड सिक्योरिटी इन द हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री” विषय पर आयोजित किया गया, जिसका संचालन पंकज धारकर ने किया। इसमें श्रीनिवास वेल्लोरि, सोनांग, पराग मोमाया, आर्किटेक्ट संजय श्रीवास्तव और मुकेश आचार्य शामिल रहे। चर्चा में होटल्स के लिए एकीकृत सुरक्षा प्लेटफॉर्म की आवश्यकता, तकनीक के उपयोग और मानकीकृत प्रक्रियाओं पर बल दिया गया ताकि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में सुरक्षा ढांचे को मजबूत किया जा सके।

श्रीनिवास वेल्लोरि, निशांत गुप्ता और चेतन म्हात्रे द्वारा तकनीकी सत्रों में होटलों में इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, बेसमेंट वेंटिलेशन, स्टेयरकेस एवं लिफ्ट प्रेशराइजेशन, स्मोक एक्सट्रैक्शन सिस्टम और बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। इन सत्रों ने यह संदेश सुदृढ़ किया कि सुरक्षित हॉस्पिटैलिटी वातावरण के लिए डिजाइन, तकनीक और सुरक्षा का एकीकृत होना आवश्यक है। कार्यक्रम का सफल आयोजन इंदौर चैप्टर की कोर वर्किंग कमेटी प्रभात पवेचा, सिद्धार्थ राव, रितेश मुंशी और सत्याम सिसोदिया द्वारा, पंकज तिवारी और लोकेश दाडू के कुशल मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का समापन इस आह्वान के साथ हुआ कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को सुरक्षा को केवल अनुपालन का हिस्सा न मानते हुए इसे व्यवसायिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाना चाहिए जिसमें रोकथाम के उपाय, नियमित सेफ्टी ऑडिट और एकीकृत फायर एवं सिक्योरिटी फ्रेमवर्क को प्राथमिकता दी जाए।
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