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Indore News: इंदौर के हर किसान की बनेगी विशेष फॉर्मर आईडी, अब उसी से मिलेगा किसान योजनाओं का लाभ

Sun, 13 Oct 2024 06:53 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

जिले में फॉर्मर आईडी बनाने का कार्य हुआ प्रारंभ, दिसंबर से पीएम किसान योजना का लाभ केवल फॉर्मर आईडी के माध्यम से ही किसानों को मिल सकेगा।
 
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किसान राकेश कुमार को कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट काम के लिए मिलेगा सम्मान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत शासन के निर्देशानुसार इंदौर जिले में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में फॉर्मर रजिस्ट्री की शुरूआत की गई है। इस प्रणाली के तहत प्रत्येक किसान का एक विशिष्ट किसान फॉर्मर आईडी बनाया जाएगा। जिसका उद्देश्य किसान की पहचान और जानकारी को सुरक्षित रखना है। फॉर्मर रजिस्ट्री क्रियान्वयन अभियान को आगामी 30 नवंबर 2024 तक पूर्ण किया जाना है, जिससे दिसंबर माह से पीएम किसान योजना का लाभ केवल फॉर्मर आईडी के माध्यम से ही किसानों को मिल सकेगा। साथ ही भविष्य में शासन की अन्य विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता के साथ हो सकेगा।
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फॉर्मर रजिस्ट्री का क्रियान्वयन पोर्टल https://mpfr.agristack.gov.in (पटवारी, स्थानीय युवा एवं किसान हेतु), मोबाइल एप Farmer Registry MP (किसान हेतु) मोबाइल एप Farmer Sahayak MP APP (स्थानीय युवा हेतु) के माध्यम से किया जाना है। भू-अभिलेख डाटा के आधार पर बकेटिंग का कार्य पूर्ण किया जा रहा है। इससे एक ग्राम में एक कृषक द्वारा धारित भूमि की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। प्रदेश में इन बकेट का उपयोग कर फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जायेगी एवं आवश्यक होने पर जिला, तहसील, ग्राम का चयन कर खाता एवं भूमि स्वामी का चयन किया जा सकेगा। इस एप एवं पोर्टल का उपयोग कर कृषक के समस्त खातों को लिंक करते हुए ई-केवायसी की कार्यवाही पूर्ण की जाएगी, जिसमें कृषक की सहमति इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्राप्त की जाएगी। 

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि हितग्राहियों की फार्मर आईडी प्राथमिकता के आधार पर जनरेट की जाएगी। प्रत्येक खातेदार के खसरा, हिस्सा, मोबाइल नंबर, आधार संख्या, ई-केवायसी विवरण फार्मर रजिस्ट्री में दर्ज की जाएगी। भू अभिलेख में परिवर्तन होने पर फार्मर रजिस्ट्री में जानकारी स्वतः ही अद्यतन हो जाएगी। डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण में प्रत्येक खसरे में दर्ज फसल की जानकारी समेकित रूप से उपलब्ध होगी। कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भूधारी द्वारा नियत शुल्क का भुगतान कर फार्मर रजिस्ट्री बनवायी जा सकती है। 
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डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण हेतु चिन्हांकित स्थानीय युवा द्वारा फार्मर रजिस्ट्री बनाए जाने का कार्य अभियान के रूप में किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय युवकों को राशि का भुगतान आधार से लिंक बैंक खाता में किया जाएगा। प्रति फार्मर आईडी बनाए जाने के लिए राशि 10 रुपए स्थानीय युवा को प्रदान की जाएगी। भारत सरकार द्वारा प्रदत्त बकेट के अलावा प्रत्येक अतिरिक्त खाता जोड़ने के लिए पांच रुपए स्थानीय युवक को प्रदान की जाएगी।
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