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Indore News: दीपावली पर 6 लोगों को मिली नेत्रज्योति, पूजा छोड़ बुझती आंखों में जलाए आशा के दीप

Tue, 21 Oct 2025 04:19 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: इंदौर में दीपावली की रात मानवता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। जब शहर लक्ष्मी पूजन में व्यस्त था, तब 3 परिवारों ने अपने परिजनों के निधन के बाद नेत्रदान किया। मुस्कान ग्रुप के सहयोग से  6 जरूरतमंद लोगों की जिंदगी में रोशनी आएगी।
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नेत्रदान से दिया नया जीवन - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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मां अहिल्या की पावन नगरी इंदौर में दीपावली की रात मानवता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। जब पूरा शहर दीयों की रोशनी से जगमगा रहा था और हर घर मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना में मग्न था, उसी समय शहर के परोपकारी नागरिकों ने तीन परिवारों के सहयोग से 6 लोगों को नेत्रज्योति देने का महान कार्य संपन्न किया।
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पूजा छोड़कर सेवा में जुटे
मुस्कान ग्रुप पारमार्थिक ट्रस्ट के संदीपन आर्य ने बताया कि दीपावली की रात को मुस्कान ग्रुप और आई बैंक को इस संबंध में फोन आए। सूचना मिलते ही सेवादार अपने घर-परिवार और पूजा-पाठ को बीच में छोड़कर तुरंत इस पुनीत कार्य के लिए निकल पड़े। उनका यह कदम किसी के जीवन से अंधकार को स्थायी रूप से मिटाने वाला था।

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तीन परिवारों ने पेश की मिसाल
कार्तिक अमावस्या की इस रात को कमलादेवी बागजई, अनुराधा व्यास और प्रकाशचन्द्र जैन का निधन हो गया था। इन तीनों के परिवारों ने दुःख की इस घड़ी में भी नेत्रदान करने का निर्णय लेकर मानवता के लिए एक महान उदाहरण प्रस्तुत किया। चोइथराम हॉस्पिटल और राऊ शिवसागर कॉलोनी से आए इन फोनों ने यह साबित कर दिया कि सबसे बड़ी पूजा वही है, जो किसी बुझती आंख में आशा का नया दीप जला दे। इन तीन दानदाताओं के नेत्रों से अब 6 जरूरतमंद लोगों को दुनिया देखने की रोशनी मिलेगी।

कल पूरी होगी प्रक्रिया
जीतू बगानी ने बताया कि कल 6 लोगों को कार्निया प्रत्यारोपित करने की प्रक्रिया पूरी का जाएगी। इसके बाद वे फिर से ठीक तरह देख सकेंगे। ग्रुप के द्वारा लंबे समय से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और उसी का परिणाम है कि अब लोग जागरूक होने लगे हैं। तुरंत परिजन के जीवन त्यागने के बाद में फोन कर देते हैं और नेत्रदान करवाते हैं। 
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देर रात 1:30 बजे तक चली प्रक्रिया
सेवा के इस अवसर पर सेवादार जीतू बगानी और उनकी पूरी टीम पूरी तत्परता से जुटी रही। नंदलाल खतुरिया, नवीन लखमानी, डॉ उत्तम जैन और दीपेश व्यास ने इस पूरे कार्य में समन्वय स्थापित किया। वहीं, जीतू बगानी और एमके इंटरनेशनल आई बैंक की निवेदिता गोयल ने तकनीकी कार्यों को संभाला। पूरी टीम नेत्रदान की प्रक्रिया को संपन्न कराकर देर रात 1:30 बजे वापस लौटी।
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