इंदौर नगर निगम के अधिकारी राजेश परमार के घर और कार्यालय पर शुक्रवार सुबह आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने छापा मारा। अब तक जांच के दौरान टीम को एक बंगला, चार फ्लैट और दो प्लॉटके दस्तावेज मिले हैं। कार्रवाई अभी जारी है और संपत्ति से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
ऑफिस बंद मिला
बेलदार के पद पर लगी थी नौकरी
राजेश परमार को हाल ही में नगर निगम आयुक्त ने अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया था। परमार की शुरुआत निगम में बेलदार के रूप में हुई थी, लेकिन बाद में प्रमोशन पाकर वह सहायक राजस्व अधिकारी बन गया। नौकरी के दौरान उसने अपने और परिवार के नाम पर कई संपत्तियां खरीदीं, जिनकी अब जांच की जा रही है। परमार के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत पिछले साल अक्टूबर में दर्ज कराई गई थी। वार्ड 39 की कांग्रेस पार्षद रुबिना खान ने 20 अक्टूबर 2024 को नगर निगम आयुक्त से शिकायत की थी कि परमार दरोगा पद पर था, लेकिन प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी बनकर कार्य कर रहा था। रुबिना ने आरोप लगाया कि जोन-19 में बेटरमेंट शुल्क की कम वसूली करके उसने भ्रष्टाचार किया।